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जमुई : पगडंडी ने किया राष्ट्रकवि दिनकर जयंती सह-सम्मान समारोह का आयोजन

जमुई (Jamui), 24 सितंबर : जिले के साहित्यिक गतिविधियों को गतिमान बनाये रखने वाली अग्रणी संस्था, समग्र भारत न्यास की साहित्यिक, सांस्कृतिक और बौद्धिक प्रकल्प पगडंडी जमुई द्वारा हिन्दी पखवाड़ा एवं राष्ट्रकवि दिनकर जयंती के अवसर पर जमुई के अतिथि पैलेस में शनिवार को राष्ट्रकवि दिनकर जयंती सह-सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का उद्घाटन प्रो. डी. के. गोयल, प्रो. गौरी शंकर पासवान, प्रो. नकुल साह, प्रो. अनील कुमार सिंह, प्रो. लखन लाल पांडेय, प्रो. सुनील कुमार व अन्य गणमान्यजनों ने संयुक्त रूप से राष्ट्रकवि दिनकर की तस्वीर पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर किया। तत्पश्चात पगडंडी जमुई के सदस्यों ने माला एवं गीता पुस्तक की प्रति भेंटकर आगत अतिथियों का स्वागत किया। वहीं बीज वक्तव्य में अपने विचार रखते हुए पगडंडी जमुई के अध्यक्ष डॉ. रविश कुमार सिंह ने विषय प्रवेश करवाया।
साथ ही सम्मिलित रूप से गिरिजा नंदन मणि की पुस्तक प्रतिघात, दृष्टिकोण एवं जमुई से जुड़ी कथाओं की किताब बनप्रांतर की कथाएँ, ज्योतींद्र मिश्र की पुस्तक गिधौरिया ग़ज़ल धोरैया एवं नीले शैवाल का द्वितीय संस्करण, सुनील सागर की पुस्तक खंड काव्य भरत चरित्र, प्रबंध काव्य महारथी कर्ण एवं डॉ. रविश कुमार सिंह की मंजुल राग का लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम में मौजूद बुद्धिजीवियों ने वर्तमान समय में दिनकर जी की रचनाओं की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर साहित्य, शिक्षा एवं सामाजिक गतिविधियों में अपनी महती भूमिका निभाने वाले कुल सात लोगों को सम्मानित किया गया। जिनमें हिन्दी भाषा साहित्य के विविध विधाओं में लेखन के लिये  पंडित जगन्नाथ प्रसाद चतुर्वेदी हिन्दी सेवी सम्मान जिले के साहित्यकार एवं सुप्रसिद्ध शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. एस. एन. झा को, संत-भक्ति साहित्य में शोध एवं अध्ययन के लिये संत अर्जुनदास सरस्वती सम्मान पूर्णिया की साध्वी डाॅ गोल्डन ब्रह्मचारिणी को, हिन्दी और अंगिका साहित्य के विविध विधाओं में लेखन प्रस्तुतिकरण एवं प्रचार-प्रसार के लिए डाॅ. गिरिधर आचार्य स्मृति साहित्यकार सम्मान अंगिका ब्वाय के नाम से सुविख्यात फिल्मकार एवं साहित्यकार डॉ. मनजीत सिंह 'किनवार' भागलपुर को लोक संस्कृति के जागरण और उसके प्रचार-प्रसार के लिए पगडंडी संस्कृति सेवी सम्मान बाबा कोकिलचंद विचार मंच के संयोजक चुनचुन कुमार को दिया गया।

वहीं सामाजिक विविध क्षेत्रों में जागरूकता तथा कुशल नेतृत्व के लिये पगडंडी नेतृत्व प्रतिदर्श सम्मान जिले के तीन लोगों को उनके संबंधित क्षेत्रों में महती योगदान के लिये दिया गया। इनमें समाजिक समरसता के लिए झाझा निवासी गौरव सिंह राठौड़ को, दिव्यांगों की मदद एवं अंग उपलब्ध कराने हेतु भारत विकास परिषद के सचिव शंभू कुमार को एवं शैक्षणिक गतिविधियां संचालित करने एवं युवाओं को प्रेरित करने के लिए डाॅ. विभूति भूषण को दिया गया। कार्यक्रम का संचालन पगडंडी जमुई के संगठन सचिव सुशांत साईं सुन्दरम ने किया। 

द्वितीय सत्र में काव्य पाठ एवं राग रंग की प्रस्तुति हुई। शुरुआत अंगिका भाषा की सरस्वती वंदना से की गई, जिसकी प्रस्तुति चक्रधर कृष्णा एवं डॉ. मनजीत सिंह किनवार ने दी। कवयित्री डॉ. नूतन सिंह, चक्रधर कृष्णा, वरिष्ठ कवि सुरेंद्र प्रसाद सिंह 'मुकुल', रंजीत सिंह, विकास सोलंकी, उमाशंकर सिंह ने अपनी प्रस्तुतियों से सबकी खूब वाहवाही लूटी। वहीं काव्य पाठ में चक्रधर कृष्णा एवं डॉ. मनजीत सिंह किनवार ने हास्य व्यंग्य की प्रस्तुति से सबको कविता के माध्यम से वर्तमान सामाजिक व राजनीतिक परिस्थितियों पर कटाक्ष किया। काव्य पाठ के सत्र का संचालन युवा कवि पूर्णेन्दु चौधरी ने किया।

कार्यक्रम को सफल बनाने में पगडंडी जमुई के सचिव अरुण कुमार आर्य, सदस्य रोहित कुमार, मनीष नंदन, पुरुषोत्तम कुमार सिंह, अजित कुमार सिंह, डॉ. शैलेंद्र कुमार का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

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