अलीगंज : अवैध क्लीनिक संचालन से भोले-भाले मरीजों की जा रही जान, झोला छाप डॉक्टर कर रहे सर्जरी - gidhaur.com : Gidhaur - गिद्धौर - Gidhaur News - Bihar - Jamui - जमुई - Jamui Samachar - जमुई समाचार

Breaking

A venture of Aryavarta Media

Post Top Ad

Post Top Ad

Monday, 7 March 2022

अलीगंज : अवैध क्लीनिक संचालन से भोले-भाले मरीजों की जा रही जान, झोला छाप डॉक्टर कर रहे सर्जरी


अलीगंज/जमुई (Aliganj/Jamui), 7 मार्च :

◆ चंद्रशेखर सिंह की रिपोर्ट :

अलीगंज प्रखंड में दर्जनो अवैध नर्सिग होम का संचालन निर्बाध गति से किया जा रहा है। झोला छाप डॉक्टर अवैध नर्सिग होम खोलकर बडे-बडे चिकित्सकों व एमबीबीएस डिग्रीधारकों के नाम की बोर्ड के आड़ में खुलेआम मरीजों की आर्थिक शोषण कर रहे हैं।

झोला छाप डॉक्टर द्वारा अवैध नर्सिग होम में यूटरस, अपेंडिक्स, बन्ध्याकरण, हार्निया सहित अन्य बड़ी-बड़ी सर्जरी कर दिया जाता है। जिससे कम जानकारी व बिना डिग्रीधारी झोलाछाप डॉक्टर भोले भाले मरीजों को कम पैसे का झांसा देकर खुलेआम सर्जरी कर मरीजों के जान से खिलवाड़ किया जा रहा है।

अलीगंज प्रखंड क्षेत्र में एक दर्जन से भी अधिक अवैध नर्सिग होम का संचालन किया जा रहा है। जिसमें पटना, दिल्ली, नवादा, जमुई के नामी व डिग्रीधारी चिकित्सकों के नाम एमबीबीएस के नाम के बोर्ड के आड़ में खुलेआम मरीजों के जीवन से खिलवाड़ किया जा रहा है। 

लोग बताते हैं कि अलीगंज में नर्सिग होम का संचालकों के द्वारा दलालों की बड़ी लंबी फौज है, जो नवादा-जमुई जिले के दूर-दूर तक फैला है। मरीजों को कम पैसा में ऑपरेशन की बात बता कर इन अवैध नर्सिग होम में झोला छाप डॉक्टर के पास पहुंचा दिया जाता है। जिसके एवज में दलालों को एक बंधी बंधाई रकम मिल जाती है। 

जानकारी के अभाव में भोले भाले मरीज सही इलाज के अभाव में असमय काल के गाल में समा जा रहे हैं। बता दें कि बीते रविवार की देर शाम अलीगंज-सिकंदरा मुख्य मार्ग स्थित आरोग्य सेवा क्लीनिक में नवादा जिला के कौआकोल प्रखंड के वाराजोरी गांव निवासी सदानंद सिंह की पत्नी सुलेखा देवी के यूटरस (बच्चेदानी) का आपरेशन डॉ. एस. कुमार के द्वारा किया गया था। ऑपरेशन के दौरान महिला की मौत हो गई थी।

जिसको लेकर परिजनों के द्वारा घंटों क्लीनिक पर हंगामा किया गया। लेकिन महिला के साथ कोई पुरूष नही रहने के कारण क्लीनिक संचालक डॉ. एस. कुमार अपने सहयोगियों द्वारा मृतक महिला के परिजनों से क्लीनिक का पुर्जा लेकर उसे क्लीनिक से जबरन बाहर कर गेट बंद कर क्लीनिक से सभी फरार हो गया। हालाकि देर रात तक महिला का लाश क्लीनिक के बाहर सड़क पर पड़ा रहा।

सूत्रों के अनुसार फिर क्लीनिक संचालक व मृतक महिला के परिजनों से मैनेजिंग की बात पर लाश को हटाया जा सका। बता दें कि पूर्व में भी आरोग्य सेवा क्लीनिक में कई मरीजों की जान ऑपरेशन के दौरान हो चुकी है।

बता दें कि अलीगंज बाजार निवासी अभिमन्यु गुप्ता की पत्नी रंजू देवी का ऑपरेशन के दौरान मौत हो गया था, तब शिकायत के बाद तत्कालीन सिविल सर्जन डॉ. श्याम मोहन दास द्वारा टीम गठन कर क्लीनिक को अवैध करार दिया गया था। लेकिन फिर भी अधिकारियों की अनदेखी व लापरवाही के कारण अलीगंज में आरोग्य सेवा क्लीनिक का संचालन जारी है। यहां सर्जरी करवा कर भोले-भाले मरीज असमय काल के गाल में समा जा रहे है।

Post Top Ad