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गिद्धौर : बिना प्लास्टिक से ढंके बालू ढुलाई करने से उड़ रहे कण, नियमों की धज्जियां उड़ा रहे वाहन, परेशानी

गिद्धौर/जमुई (Gidhaur/Jamui), 24 फरवरी : गिद्धौर में वाहनों पर बिना प्लास्टिक से ढंके ही बालू की ढुलाई की जा रही है, वह भी संपर्क पथ के साथ-साथ मुख्य सड़क एनएच से भी. इन दिनों हवा तेज गति से चल रही है. ऐसे में वाहनों को बिना ढंके बालू ले जाने के दौरान हवा के झोंकों से उड़ते हैं. उसका छोटा कण व धूल राहगीरों, बाइक चालकों, कारोबारियों की आंखों में पड़ रहा है, जिससे उन्हें परेशानी हो रही है. सांस रोग से पीड़ित लोगों के लिए यह काफी खतरनाक है. बुधवार को भी इस तरह का दृश्य प्रखंड मुख्यालय गिद्धौर के मुख्य बाजार में देखने को मिला.
हाइवा पर लदे बालू की धूल हवा के झोंका के साथ बाजार में गिर रही थी. बाजार में खुले में बिक रहे खाद्य पदार्थ चाट, समोसा, पकौड़ी, जलेबी आदि पर भी पड़ते दिखे. ग्रामीणों ने बताया कि इन दिनों रोजाना इस सड़क से बालू लदे दर्जनों हाइवा का परिचालन हो रहा है. बालू घाटों की बंदोबस्ती होने के बाद नदियों से बालू खनन कर उसके चालक ढो रहे हैं. रास्ते में बालू के धूल अक्सर उड़ते रहते हैं. अभी तो ठंड का मौसम है लेकिन, गर्मी में जब लू चलेगी तब यह परेशानी और बढ़ जाएगी. ऐसे में सड़क किनारे की दुकानों पर बैठना मुश्किल हो जाएगा.
बाइक चालकों का कहना है कि सड़क पर बालू लदे हाइवा के चलने से सबसे अधिक परेशानी उन्हें हो रही है. हाइवा से बालू के कण हवा के साथ उड़ने से कई बाइक चालकों की आंख में पड़ जाते हैं. इससे उनकी आंखें लाल हो जाती है.

चारपहिया वाहन चालकों ने बताया कि बालू लदे हाइवा के सड़क पर चलने से धूल उड़ती है. खिड़की का शीशा नीचे गिरे रहने से बालू के कण वाहन के अंदर आ जाते हैं, जिससे उसमें बैठे लोगों को परेशानी होती है और गाड़ी भी गंदी हो जाती है. अगर वाहन के बाहरी हिस्से को पानी से नहीं धोए तो बारिश होने पर फिसलन हो जाती है.
बता दें कि बिहार में बालू घाटों की बंदोबस्ती के साथ ही बालू खनन की प्रक्रिया जारी है. खनन विभाग ने बालू की ढुलाई और उससे संबंधित प्रक्रिया के लिए गइडलाइन जारी किया है. जारी गाइड लाइन के मुताबिक ट्रक को ढंके बिना बालू की ढुलाई नहीं हो सकती है. यानी बालू एक जगह से दूसरे जगह तक ढुलाई के लिए ढककर ले जाना होगा.