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खैरा : शहीद सुनील कुमार मुर्मू की पुण्यतिथि पर दी गई श्रद्धांजलि, नहीं पहुंचे पदाधिकारी



खैरा/जमुई (Khaira/Jamui), 20 फरवरी | प्रह्लाद : भारत-पाकिस्तान बॉर्डर के लाइन ऑफ कंट्रोल (एलओसी) पर जम्मू कश्मीर के तंगाधार सेक्टर में तैनात सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवान सुनील कुमार मुर्मू को शहीद हुए 4 वर्ष हो गए. पर इन 4 वर्षों में देश के लिए जान कुर्बान करने वाले एक जवान के परिवार से मिलना भी जिले के पदाधिकारियों को गवारा नहीं है.


 पूरे साल शहीद के परिवार की सुध नहीं लेने वाला प्रशासन सुनील कुमार मुर्मू की शहादत के दिन भी उनके गांव नहीं पहुंचा, जिसके बाद लोगों के अंदर प्रशासन को लेकर बड़ी अजीब सी स्थिति पैदा हो गई है.


बताते चलें कि 4 वर्ष पहले जम्मू कश्मीर के तंगधार सेक्टर में तैनात सीमा सुरक्षा बल के जवान सुनील कुमार पाकिस्तानी गोली का शिकार हो गए थे. पाकिस्तान के द्वारा सीजफायर का उल्लंघन कर तंगधार सेक्टर में गोलीबारी की जा रही थी. जिस दौरान सुनील कुमार फारवर्ड डिफेंडेन्ट लोकेशन (एफडीएल) पर तैनात थे, और वह पाकिस्तानी गोली की चपेट में आ गए थे और वह शहीद हो गए थे. जिसके बाद बड़े बड़े प्रशासनिक वायदे किए गए, राजनीतिक गलियारों में इस पूरे मामले को जोर-शोर से उठाया गया. लेकिन बीतते समय के साथ ही लोगों ने शहीद के गांव और उसके परिवार से नाता तोड़ लिया.


आलम यह है कि आज भी शहीद के गांव जाने वाली सड़क की पक्कीकरण नहीं हो सकी है, ना ही नदी पर पुल बनाया जा सका है. शहीद स्मारक बनाए जाने की बात की गई थी वह भी सपना साकार नहीं हो सका है तथा गांव के अन्य लोगों को सेना में बहाली को लेकर एक मैदान बनाए जाने की बात भी कही गई थी पर वह भी अब तक कागजों में ही सिमट कर रह गया है. आलम यह है कि लोगों का विश्वास प्रशासन से उठ गया है.


वहीं सबसे दुर्भाग्यपूर्ण पहलू यह है कि जिलाधिकारी-पुलिस अधीक्षक सहित जिले के कोई भी वरीय पदाधिकारियों ने शहीद सुनील कुमार के घर पर जाना मुनासिब नहीं समझा और ना ही उन्हें श्रद्धांजलि देना जरूरी समझा. शहीद की विधवा और उनके बच्चों से प्यार के दो बोल करने की बजाय जमुई जिले के कनीय से वरीय पदाधिकारी इस महत्वपूर्ण दिन पर भी शहीद के घर नहीं गए. ऐसे शहीदों के प्रति प्रशासन की बेरुखी काफी दुर्भाग्यपूर्ण है.



इसी सब के बीच शनिवार को शहीद सुनील कुमार मुर्मू की तीसरी पुण्यतिथि पर उन्हें याद किया गया. इस दौरान शहीद की विधवा दुलिया हेंब्रम ने राष्ट्रीय ध्वज फहराकर उन्हें सलामी दी. मौके पर चंद्रचूड़ सिंह, विजेश्वर सिंह, संतोष कुमार, रंजीत कुमार सहित अन्य लोग मौजूद रहे.


एक नजर में पूरा घटनाक्रम

- दिनांक 20 फरवरी 2018 अपराह्न 2:30 बजे: सुनील कुमार मुर्मू को गोली लगी

- दिनांक 20 फरवरी 2018 अपराह्न 4:30 बजे: जम्मू अस्पताल में सुनील ने अपना दम तोड़ दिया

- दिनांक 22 फरवरी 2018 अपराह्न 12:25 बजे: उनके पार्थिव शरीर को श्रीनगर से दिल्ली के लिए रवाना किया गया

- दिनांक 22 फरवरी 2018 अपराह्न 2:10 बजे: उनका पार्थिव शरीर दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचा

- दिनांक 22 फरवरी 2018 अपराह्न 5:10 बजे: उनके पार्थिव शरीर को पटना के लिए रवाना किया गया

- दिनांक 22 फरवरी 2018 संध्या 7:15 बजे: उनका पार्थिव शरीर पटना एयरपोर्ट पहुंचा

- दिनांक 22 फरवरी 2018 रात 8:30 बजे: उनके पार्थिव शरीर को सड़क मार्ग के द्वारा उनके गृह आवास के लिए रवाना किया गया

- दिनांक 23 फरवरी 2018 पूर्वाह्न 7:45 बजे: उनका पार्थिव शरीर खैरा पहुंचा

- दिनांक 23 फरवरी 2018 पूर्वाह्न 8:30 बजे: उनका पार्थिव शरीर उनके पैतृक आवास पहुंचा

- दिनांक 23 फरवरी दिन के 11:15 बजे: उनके पार्थिव शरीर को दफनाया गया