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"ऑल बिहार ट्रेंड लाइब्रेरियन एसोसियशन" ने सरकार के खिलाफ हाई कोर्ट में किया परिवाद दायर

जमुई (Jamui), 22 फरवरी | शुभम मिश्र : सूबे में लाइब्रेरियन की बहाली को लेकर ऑल बिहार ट्रेंड लाइब्रेरियन एसोसिएशन ने सरकार के खिलाफ उच्च न्यायालय पटना के आदेश की अवमानना को लेकर आज परिवाद दायर किया। इस बाबत पूछे जाने पर ABTLA जमुई के जिलाध्यक्ष विनय कुमार सिन्हा, जिला सचिव शुभम एवं जिला मीडिया प्रभारी कुमारी श्वेता मिश्रा ने बताया कि हमलोगों का संगठन सूबे की सरकार के पास लंबी अवधि से लाइब्रेरियन की शीघ्र बहाली करने की मांग को करता आ रहा है। जिसको लेकर हमलोगों ने सरकार के कई मंत्रियों, विधायकों, सांसदों एवं पदाधिकारियों के समक्ष अपनी मांगो को रखा था।
इसके अलावे उच्च न्यायालय पटना में दायर, परिवाद (सी.डब्ल्यू.जे.सी नं - 47/2021) के आलोक के आदेश में हाई कोर्ट के जज अनिल कुमार उपाध्याय की खंडपीठ द्वारा सरकार को 60 दिनों के अंदर बहाली करने को लेकर निदेशित किया गया था, जिसको लेकर भी हमलोगों के संगठन ने सरकार को ज्ञापन देकर भी ध्यान आकृष्ट किया था; बावजूद इसके सरकार का रवैया उदासीन एवं टालमटोल वाला नज़र आ रहा था।
सरकार नियमावली को बनाने में विलंब होने की बात कर बरगला रही थी। ऐसे में प्रदेश कमिटी के आह्वान पर मंगलवार को एडवोकेट विशाल राणा ने प्रदेश अध्यक्ष विकासचंद्र सिंह, उपाध्यक्ष मनीष कुमार, प्रदेश सचिव राहुल कुमार सिंह सहित सैकड़ों की संख्या में याचिकाकर्ताओं की अगुवाई में सरकार के खिलाफ अवमानना को लेकर परिवाद दायर किया गया है।
विदित हो कि बिहार में लगभग 12 वर्षों से पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान के क्षेत्र में बहाली लंबित है और करीब दस हजार पद रिक्त हैं। जिससे इस क्षेत्र के लाखों विद्यार्थी बेरोजगारी की मार झेल रहे हैं। यह स्थिति तब है जब बिहार सरकार के द्वारा 2008 में ही पुस्तकालय अधिनियम लागू किया गया है। उक्त अवसर पर संगठन से जुड़े कई लोग मौजूद थे।