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गिद्धौर : सहारा इंडिया परिसर में तालाबंदी पर आमादा हुए एजेन्ट, दिनभर चला हाई वोल्टेज ड्रामा

Gidhaur/ न्यूज़ डेस्क (अभिषेक कुमार झा) :-  | न्यायालय के दहलीज़ पर अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे सहारा इंडिया परिवार एक बार फ़िर विवादों में घिरा है। इसकी बानगी गिद्धौर स्थित सहारा इंडिया ब्रांच परिसर में देखने को मिली जहां, मंगलवार को दिनभर परिसर का माहौल हंगामें की भेंट चढ़ा रहा। दरअसल , मैच्योरिटी पूरा हो जाने के बाद भी वर्षों से लोग गिद्धौर स्थित सहारा इंडिया कार्यालय का चक्कर काट रहे हैं और उन्हें भुगतान नहीं किया जा रहा, जिसको लेकर मंगलवार को दर्जनों खाताधारक ने ब्रांच परिसर पहुंचकर भुगतान को हंगामा मचाया ।

प्रबन्धन का घेराव करते खाताधारक ◆  gidhaur.com
गौरतलब है कि, विगत कई महीनों से लगातार लोग सहारा इंडिया कार्यालय का चक्कर काट रहे हैं, लेकिन मैच्योरिटी के बावजूद उन्हें भुगतान नहीं किया जा रहा , जिस कारण अब एजेन्ट के साथ साथ खाताधारकों का भी सब्र टूट चुका है। परिसर में किये गए हंगामेबाज़ी का आलम यह रहा कि, प्रबन्धन के लापरवाही पर आक्रोशित एजेन्ट ब्रांच के मुख्य द्वार पर तालाबंदी को आमदा हो गए ।
मौके पर आक्रोशित स्वर में एजेंट किशन बर्णवाल उर्फ चन्दन, योगेन्द्र प्रसाद, अंकित भारती, आदि ने बताया कि सैंकड़ों ग्राहकों से संग्रहित करोड़ों की जमा रकम की परिपक्वता राशि भुगतान के आस में वर्षों से लंबित है। ब्रांच में प्रबन्धक द्वारा कभी टाल-मटोल तो कभी दुर्व्यवहार का दौर पिछले डेढ़ वर्षों से जारी है। भुगतान को लेकर बार-बार एजेंट सहारा इंडिया के कार्यालय का चक्कर लगा कर लौट रहे हैं, पर सहारा इंडिया गिद्धौर के कार्यालय कर्मचारी और प्रबन्धन द्वारा उनके पैसे को जल्द भुगतान कर दिए जाने का आश्वासन औपचारिक रूप से दिया जा रहा है।

[ खाताधारकों ने भी प्रबन्धन के ख़िलाफ़ निकाली भड़ास, रखी लंबित राशि भुगतान की मांग ]

गिद्धौर स्थित सहारा इंडिया परिसर में व्याप्त अव्यवस्था से क्षुब्ध होकर हंगामा कर रहे खाताधारकों ने बताया कि अपना पेट काट-काट कर दुख की घड़ी के लिए सहारा में पैसा जमा किया था, लेकिन अब सहारा ने ही हमें बेसहारा कर दिया है। वहीं, कुछ खाताधारकों ने बताया कि, पैसे की कमी के कारण बच्चों की पढ़ाई लिखाई और परिवार के सदस्यों का इलाज भी नहीं हो पा रहा है। हंगामे के दौरान एक महिला ने gidhaur.com के समक्ष अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया कि पति की मृत्यु होने के बाद भी जमा राशि की भुगतान नही किया, जबकि कुछ लोगों ने शादी-विवाह के मौके पर भी भुगतान में लापरवाही का आरोप लगाया।
परिसर में मौजूद खाताधारक  ◆ gidhaur.com
इधर , मामले के निपटारे को लेकर ब्रांच पहुंचे एस एम बीरेन्द्र प्रताप सिंह ने लंबित राशि भुगतान में आने वाले अड़चन व परिस्थितियों से अवगत कराया पर एजेंट व खाताधारकों ने उनकी एक न सुनी । सहारा इंडिया के आर एम से दूरभाष पर प्राप्त निर्देशों के आलोक में एसएम श्री सिंह के काफी मशक्कत व आपसी सामंजस्य स्थापित करने के बाद मामले को विस्तार होने से बचाया । इस पूरे प्रकरण में जहां अधिकृत एजेन्ट ने भुगतान न करने का पूरा ढिकरा प्रबन्धन के ऊपर फोड़ा है तो वही, प्रबंधन द्वारा इस हँगामेबाजी को पूर्वनियोजित बताया जा रहा है।
वहीँ, इस पूरे मामले में एस एम बीरेन्द्र प्रताप सिंह व गिद्धौर सहारा इंडिया के शाखा प्रबंधक विनोद कुमार ने संयुक्त रूप से राशि आवंटन की दुहाई देते हुए बताया कि कुछ परेशानी की वजह से कंपनी को भुगतान करने में परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि 10 हजार रुपये तक की राशि भुगतान करने की कवायद शुरू कर दी गई है, आगामी कुछ महीनों में सबकुछ सामान्य हो जाएगा और अन्य लोगों को भी उनके परिपक्व राशि का भुगतान कर दिया जाएगा ।