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गिद्धौर : दीपावली को लेकर बाजार में उमड़ी भीड़, खूब हुई खरीददारी

गिद्धौर/जमुई (Gidhaur/Jamui), 4 अक्टूबर : बुराई पर अच्छाई का प्रतीक दिवाली पांच दिनों तक मनाई जाती है। यह धनतेरस से शुरू होकर भाई दूज को समाप्त होती है। भले ही इस दिन अमावस्या है, लेकिन हिंदू धर्म के रोशनी के पर्व से पूरा देश जगमगाता रहता है।

भगवान श्रीराम लंकापति रावण को पराजित कर और अपना वनवास समाप्त कर अयोध्या वापस लौटे थे, इसी खुशी में अयोध्या वासियों ने दीप प्रज्वलित कर खुशियां मनाई थी।

इधर गिद्धौर बाजार में कोरोना संक्रमण भूलकर लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। हर किसी ने दीपावली को लेकर खरीदारी की। लोग लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमाएं, फूल—माला, पटाखे, धूपबत्ती, अगरबत्ती, प्रसाद, पूजन सामग्री आदि खरीदने की धूम रही। इसके पूर्व बुधवार को घर बाहर मिट्टी का दिया जलाकर छोटी दिवाली का पर्व मनाया गया।
वहीं दिवाली के दिन गुरुवार को दिन चढ़ते ही बाजार अपने रंग में था। भारी भीड़ के कारण लॉर्ड मिंटो टावर चौक, प्रिंस मार्केट, एनएच 333 मेन रोड में जाम लगा रहा। घरौंदा, पूजन सामग्री, फल, मिट्टी के बने खिलौने, दीए, मिठाइयों के कई अस्थाई दुकानें भी सड़क किनारे खुल गई थी।

दिवाली पूजा के लिए मोतीचूर के लड्डू, चीनी की चाशनी से बने खिलौने, फल आदि की खरीदारी अधिक हो रही थी। बाजार में प्रतिबंध लगने के बावजूद भी पटाखों की बिक्री कई जगहों पर देखी गई।

गिद्धौर निवासी नेत्र रोग चिकित्सक डॉ. नीलेंदु दत्त मिश्र ने पटाखा जलाते वक्त सचेत रहने की नसीहत दी है। अगर बारूद का कण आंखों में चला जाए तो आंखों को पानी से धोएं और हाथ से मलें नहीं। सूती कपड़ा पहनकर ही पटाखे जलाएं। शरीर का कोई भी भाग जलने पर बर्फ रखें।