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गिद्धौर : सर्वार्थ सिद्धि एवं समृद्धि की कामनाओं के साथ शरद पूर्णिमा पर दुर्गा मंदिर में हुई माँ महालक्ष्मी की आराधना

गिद्धौर/जमुई (Gidhaur/Jamui), 20 अक्टूबर | सुशान्त साईं सुन्दरम : यश, वैभव, उन्नति एवं धन-धान्य की अधिष्ठात्री देवी माँ महालक्ष्मी की आराधना मंगलवार को गिद्धौर के उलाई व नागी-नकटी नदी के तट पर अवस्थित अतिप्राचीन दुर्गा मंदिर परिसर में सर्वार्थ सिद्धि एवं समृद्धि की मंगलकामनाओं के साथ शरद पूर्णिमा के सुअवसर पर की गई।
पूजन कार्यक्रम का क्रियान्वयन देवघर से आये विद्वान पंडितों के दिशा-निर्देश पर हुआ। गिद्धौर का यह दुर्गा मंदिर चंदेल राजवंश के शासकों द्वारा स्थापित किया गया है। प्रतिवर्ष शारदीय नवरात्र के उपरांत शरद पूर्णिमा के मौके पर माँ महालक्ष्मी की पूजा प्रतिमा स्थापित कर यहाँ सदियों से पूजा-आराधना की जा रही है।
(नीचे प्रचार के आगे भी खबर है)
वर्ष 1996 में गिद्धौर राजपरिवार द्वारा यहाँ के पूजा और मेले को जनाश्रित घोषित कर दिया गया। तब से स्थानीय पूजा समिति द्वारा ही यहाँ दुर्गा पूजा एवं लक्ष्मी पूजा आयोजित किया जा रहा।
प्रतिमा निर्माण स्थानीय मूर्तिकार राजकुमार रावत द्वारा किया गया है।