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शारदीय नवरात्र : परम सौभाग्य और धन-धान्य के लिए देवी की आराधना में चढ़ाएं ये पुष्प


धर्म एवं आध्यात्म (अपराजिता सिन्हा) :
पुष्प (Flowers) सभी देवी-देवताओं को बहुत पसंद है। पूजा-पाठ में फूलों का काफी महत्व है। नवरात्रि (Navratri) माता दुर्गा (Goddess Durga) के नौ स्वरूपों के लिए नौ अलग-अलग प्रकार के फूल अपना विशेष महत्व रखते हैं। अगर आप भी नवरात्र (Navratra) के 9 दिनों तक नौ अलग-अलग फूलों को मां के चरणों में अर्पित करेंगे तो आपको देवी मां की विशेष कृपा (Blessings) प्राप्त होगी। 

1. शैलपुत्री (Shailputri) दुर्गा मां (Durga Maa) का प्रथम रूप है। इन्हें प्रसन्न करने के लिए आप सफेद कनेर (Kaner) के पुष्प तथा सफेद चमेली (Chameli) और सफेद अपराजिता (Aprajita) के पोस्ट चढ़ाएं ऐसा करने से घर में खुशहाली आती है। 
2. दूसरा स्वरूप ब्रह्मचारिणी को प्रसन्न करने के लिए हमें वट वृक्ष के पत्ते और पुष्पों की माला अर्पित करनी चाहिए। ऐसा करने से हमारे व्यापार में भी हमें सफलता मिलेगी। 
3. तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा की जाती है। इस दिन आप शंखपुष्पी अर्थात नीला, सफेद, कत्थई अपराजिता का फूल जरूर चढ़ाएँ। ऐसा करने से घर में सुख-समृद्धि बना रहता है। 
4. चौथा स्वरूप कूष्मांडा को आप पीला फूल कनेर, गेंदा, गुलाब, हरसिंगार पुष्प चढ़ाएं। इससे मैया प्रसन्न होती हैं तथा भक्तों को स्वस्थ रखती हैं।
5. पांचवी माता का नाम स्कंदमाता है। इस दिन आप मैया को नीला पुष्प चढ़ाएं। अपराजिता, नीला गुलाब चढ़ा सकते हैं।
6. छठे दिन मां कात्यायनी देवी की पूजा होती है। आप इस दिन बेर के पुष्प चढ़ाएँ। इससे शत्रुओं पर विजय प्राप्त होंगी। माता को आप पीले फूल भी चढ़ा सकते हैं।
7. सातवें दिन आप मां कालरात्रि को गुंजामाला चढ़ाइए।
8. आठवें दिन गौरी माता को कलावा की माला चढ़ाने से मैया रानी की पूरी कृपा भक्तों को मिलती है।
9. नवे दिन अर्थात नवरात्र के अंतिम दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। आज के दिन मां को गुड़हल या उड़हल और लाल फूल अवश्य चढ़ाएं। मां अपनी विशेष कृपा आप पर बरसाएंगी।