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डोली पर होगा माँ दुर्गा का आगमन, बढ़ेंगी बीमारियां, 7 अक्टूबर को कलश स्थापना


जमुई (Jamui) : दुर्गा पूजा के लिए भक्तों की बेचैनी बढ़ गई है. पंचांग के अनुसार इस बार नवरात्रि का पर्व 7 अक्टूबर को में कलश स्थापना के साथ प्रारंभ होगा और 15 अक्टूबर को विजयादशमी मनाई जाएगी. 9 दिन तक चलने वाले शारदीय नवरात्र में मां दुर्गा के नौ अलग-अलग रूपों की पूजा की जाएगी. जिसमें नवरात्रि के दिन को बेहद पवित्र माना गया है. पुराणों में सारा दिन नवरात्रि का विशेष महत्व बताया गया है, ऐसी मान्यता है कि कलश स्थापना के दिन माता की सवारी बदल जाती है. इसलिए हर साल माता का आगमन अलग-अलग वाहन से होता है. इस बार माता का आगमन डोली पर हो रहा है.

अति प्रसिद्ध खैरा दुर्गा मंदिर के आचार्य पंडित प्रदीप आचार्य ने बताया कि डोली पर आने से इस बार मनुष्य और पशुओं में बीमारी जैसे सर्दी, खांसी, बुखार, हैजा जैसी बीमारी हो सकती है. उन्होंने बताया कि शास्त्रों के अनुसार नवरात्रि का पहला दिन बहुत महत्वपूर्ण है. नवरात्रि के पहले दिन ही कलश की स्थापना की जाती है. ऐसी मान्यता है कि कलश को भगवान विष्णु का रूप माना जाता है. इसलिए नवरात्रि पूजा में कलश की स्थापना की जाती है. 9 दिनों तक चलने वाले इस पर्व में हर दिन अलग-अलग देवी को समर्पित है. शुरुआत के 3 दिनों में मां दुर्गा की शक्ति और ऊर्जा की पूजा की जाती है.

उन्होंने बताया कि नवरात्रि के पहले दिन वेगृति योग में कलश स्थापना किया जाएगा तथा सुबह 11:36 के बाद शुभ योग प्रारंभ हो रहा है. इसके पहले 6 अक्टूबर को महालया मनाया जाएगा जिसके बाद चित्रा नक्षत्र में 7 अक्टूबर को कलश स्थापना किया जाएगा. उन्होंने बताया कि 11 अक्टूबर को अष्टमी तिथि को जेष्ठा नक्षत्र में नवरात्रि का आमंत्रण होगा. 12 अक्टूबर को मूल नक्षत्र में बेलभरनी पूजा किया जाएगा. जबकि 13 अक्टूबर को महाष्टमी मनाया जाएगा. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से बचने के लिए लोगों को मां दुर्गा की आराधना एक विशेष मंत्र के साथ करनी चाहिए.

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