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गिद्धौर : गुड़ियापुर से कोसों दूर है विकास की किरण, पेयजल पर आफ़त, जनप्रतिनिधि उदासीन

 

Gidhaur / गिद्धौर (धनञ्जय कुमार 'आमोद') :- सूबे की सरकार (Govt. of Bihar) सात निश्चय योजना(7 Nishchay Yojana) के तहत राज्य भर के गांवों में बसे लोगो को मुख्यमंत्री जल नल योजना के तहत शुद्ध पेयजल पहुचाने का दावा कर रही है, लेकिन गिद्धौर के गुड़ियापुर वासियों को आजादी के 7 दशक बाद भी शुद्ध पेयजल मयस्सर नहीं हो सकी है।

गिद्धौर बाजार से उक्त गांव की दूरी लगभग एक किलोमीटर भी नही है, बावजूद इसके उक्त गांव में नल का जल पहुंचाने की सुध न तो पंचायत के निवर्तमान मुखिया ने ही ली और न ही  प्रखंड कार्यालय में कार्यरत पदाधिकारियों। पानी तो छोड़िये , गांव में अन्य सरकारी सुविधा को उपलब्ध कराने की बात भी बेमानी ही होगी। जबकि ग्रामीण इलाकों में सरकार से लेकर विभागीय पदाधिकारी सात निश्चय योजना के तहत हर घर को शुद्ध जल,बिजली, सड़क एवं स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाने का दावा करते नही थक रही। लेकिन उपरोक्त सभी सरकारी योजनाएं गुड़ियापुर गांव के दहलीज़ पर दम तोड़ते नजर आ रही है।



[ग्रामीणों की सुनिए ] 


पतसंडा पंचायत के वार्ड नंबर आठ में पड़ने वाला गुड़ियापुर गांव के ग्रामीण तुलसी यादव, विशो यादव, बिनोद यादव, शंभु यादव, कारू यादव, रुपन यादव, रिंकी देवी, पिंकी कुमारी,हन्नु यादव, गोपाल यादव, सरयू यादव,गणेश यादव, कैलू यादव, बड़कू यादव,संगीता देवी,बह्मदेव यादव सहित दर्जनों गांव वासियों ने बताया कि हमारे गांव में मुख्यमंत्री नल जल योजना की बात तो छोड़िए विभाग द्वारा गड़वाया गया इक्का दुक्का चापानल भी मृत प्राय पड़ा हुआ है, जिस वजह से गांव वासी सालों से कुंए का दूषित जल ही पीने को विवश है। गांव पर आज तक न तो पंचायत के जनप्रतिनिधियों की नजर पड़ी है और न ही बाबू लोग ही हमारा हाल चाल लेने आते है। उन्होंने कहा कि दस वर्षों से लगातार उपरोक्त सभी लोगो से गुड़ियापुर गांव में शुद्ध पेयजल की ब्यवस्था को बहाल करने की गुहार लगा थक चुके है लेकिन किसी भी अधिकारी व जनप्रतिनिधियों की कलम इस संदर्भ में कुंद पड़ी है।


Edited by : Abhishek Kr. Jha


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