गिद्धौर : बानाडीह के प्राथमिक विद्यालय में प्रबंधन की सामने आई लापरवाही, छुट्टी के बाद भी खुले रहे स्कूल के द्वार

 


Gidhaur/ गिद्धौर (धनञ्जय कुमार 'आमोद') :- गिद्धौर प्रखंड के रतनपुर (Ratanpur) पंचायत अंतर्गत स्थित बानाडीह (Banadih) प्राथमिक विद्यालय (Primary School) में सोमवार (Monday) को प्रबंधन की लापरवाही सामने आई है। 

आलम यह था कि छुट्टी हो जाने के बाद भी विद्यालय के द्वार खुले थे । विद्यालय सत्र के बाद विद्यालय को बंद करने के बजाय उसे खुले अवस्था छोड़ दिया गया था। यूं तो विद्यालय में छुट्टी की घण्टी 3 बजे शाम को बजती है, पर सोमवार को निर्धारित समय से पूर्व ही बच्चों को छुटी देकर विद्यालय की वरीय शिक्षिका डोली रानी अपने घर को रवाना हो गई। 

इधर, जब ग्रामीणों ने विद्यालय खुला देखा तो तत्क्षण इसकी सूचना विद्यालय प्रभारी को दी। ग्रामीण के शिकायत पर त्वरित संज्ञान लेते हुए प्राचार्य ने वरीय शिक्षिका डोली रानी को दूरभाष पर विद्यालय खुले होने की बात बताते हुए फ़टकार लगाया। जिसके बाद आनन-फानन में शिक्षिका डोली रानी विद्यालय पहुंच 5:34 में बंद किया । वहीं, ग्रामीणों ने प्रबन्धन के इस कार्यशैली को सवालों के घेरे में डाला है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि प्रबन्धन के इस लापरवाही पर विद्यालय के सम्पत्ति की यदि चोरी हो जाती तो इसका जिम्मा विभाग किसके कांधे पर खड़ा करता। 

इधर, इस संदर्भ में विद्यालय प्रभारी (School In-Charge) कैलाशपति यादव ने अपना पक्ष रखते हुए बताया कि प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी से प्राप्त आदेश के बाद छुट्टी पर हूँ। विद्यालय संचालन की पूरी जिम्मेदारी विद्यालय की वरीय शिक्षिका डोली रानी को दी गई है। इस तरह की लापरवाही पूर्णतः गलत है। स्कूल सम्पत्ति को संरक्षित और और जिम्मेदारी के निर्वहन को लेकर गंभीरता जरूरी है।


Edited by : Abhishek Kr. Jha


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