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Thursday, 19 August 2021

गिद्धौर : रजनबांध में जमीनी विवाद से क्षुब्ध होकर C. O. से की न्याय की मांग, SDM कोर्ट ने दिखाई हरी झंडी

 


【 न्यूज़ डेस्क | अभिषेक कुमार झा 】 :- गिद्धौर थाना क्षेत्र के सेवा गांव स्थित राजनबांध से जमीनी विवाद का एक मामला सामने आया है। बताया गया है कि भूमि विवाद के इस मामले पर दखल कब्जा करने की नियत से बराबर दबंगई और मारपीट तक की नौबत आ जाती है, जिससे क्षुब्ध होकर स्थानीय निवासी नागेश्वर तांती ने अंचलाधिकारी के दहलीज पर न्याय की गुहार लगाई है। 

संकलित जानकारी के मुताबिक, मौजा सेवा के तहत खाता नं. 104 , खसरा- 2713, रकवा 26 डी. तथा खसरा नं. - 2714 रकबा 92 डी. जमीन उनके पूर्वज हूरों तांती पे.- कन्हाय तांती के नाम से निबंधित केवाला है। इसका मालगुजारी रसीद भी कटते आ रहा है तथा जमीन जमाबंदी नं. 91 है । इस खसरा के जमीन पर घर भी बना है । इसके अलावे कृषि योग्य भूमि है ।

पीड़ित पक्ष नागेश्वर तांती ने उक्त आशय की जानकारी देते हुए बताया है कि उनके जमीन को जबरन दबंगता के बल पर गांव के ही अर्जुन तांती व उनके पुत्र संजय, अजय व श्री द्वारा संयुक्त रूप से खेती करते समय झड़गा, मारपीट व गाली-गलौज करता है। इसके अलावे बाहर से असामाजिक तत्व को बुलाकर विवाद उत्पन्न करने की कोशिश की जाती है। गरीब व कमजोर परिवार से सम्बन्ध रखने वाले नागेश्वर तांती ने बताया कि जमीन हड़पने के नीयत से ऐसा किया जा रहा है। समस्या से निजात पाने के उद्देश्य से नागेश्वर तांती ने अंचलाधिकारी के नाम आवेदन प्रेषित कर, मामले की निष्पक्षतापूर्वक जांचोप्रान्त उचित कार्रवाई की मांग की है।




- एसडीएम कोर्ट की दहलीज लांघ चुका है मामला -



बता दें, आधिकारिक तौर पर दस्तावेज के रूप में प्राप्त हुए एक साक्ष्य के अनुसार, भूमि विवाद का यह मामला वर्ष 2012 में एसडीएम कोर्ट की दहलीज़ भी लांग चुका है । तत्कालीन अनुमंडल दंडाधिकारी जमुई के समक्ष 07 नवम्बर 2012 को पुलिस ने जांच प्रतिवेदन सौंपा, जिसमें गिद्धौर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि विवादित जमीन पर प्रथम पक्ष का दखल कब्जा है। द्वितीय पक्ष ताकत के बल पर प्रथम पक्ष को जमीन से बेदखल करना चाहती है। अनुमंडल दंडाधिकारी जमुई ने पूरे प्रकरण को लेकर शांति व्यवस्था भंग होने का भी आशंका जताया था। इस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए तत्कालीन अनुमंडल दंडाधिकारी ने धारा 144 के तहत निर्गत नोटिस को प्रथम पक्ष नागेश्वर तांती के हित में खाली करते हुए द्वितीय पक्ष अर्जुन तांती को निरंकुश करने के निर्देश दिए थे। 



बोले अंचलाधिकारी


इस संदर्भ में पूछे जाने पर आँचलाधिकारी रीता कुमारी ने बताया कि उन्हें पूरे मामले की जानकारी नहीं है। दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद इस दिशा में उचित कार्रवाई की जाएगी।



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