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सोनो के 40 शिक्षकों की सूची जमुई NIC पर नहीं हुआ अपलोड, खटखटाएंगे न्यायालय का दरवाजा

News Desk | अभिषेक कुमार झा】 :-

शिक्षा विभाग अपने विभागीय कार्य के प्रति उदासीनता का द्योतक किस प्रकार हो सकता है इसकी बानगी सोमवार को सोनो बीआरसी (Sono BRC) भवन में देखने को मिली, जहां विभागीय लापरवाही के कारण फोल्डर जांच से वंचित 40 टीईटी शिक्षकों ने बैठक की। 

सोनो बीआरसी में शिक्षक।  ◆ gidhaur.com

बैठक में मौजूद अमित कुमार, विकास कुमार, सुमित कुमार सिंह, पंकज कुमार, अरुण बर्णवाल, विकास कुमार गुप्ता, रविंद्र कुमार संत, अमरेंद्र कुमार, सुबोध कुमार वर्मा, शैलेंद्र कुमार समेत दर्जनों शिक्षकों ने सामूहिक रूप से बताया कि वर्ष 2015 में तमाम शिक्षकों के द्वारा बीआरसी कार्यालय को शिक्षकों का समस्त शैक्षणिक एवं प्रशिक्षण प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया गया था, जिसका प्रमाण विभिन्न संकुल के समन्वयक के पास मौजूद है । 2015 में शिक्षकों के सर्विस बुक संधारण की पे फिक्सेशन (Pay Fixation) प्रति पर निगरानी जांच संख्या एवं मुहर का प्रमाण पत्र विभिन्न शिक्षकों के पास साक्ष्य के रूप में भी उपलब्ध है । बावजूद इसके जमुई एनआईसी (Jamui NIC) के वेबसाइट पर सोनो प्रखंड के 40 शिक्षकों की सूची को अब तक अपलोड नहीं किया गया है, जिससे शिक्षकों को अपने डेटा सुधार करने का मौका नहीं मिल।पाया। शिक्षकों ने बताया कि विभाग के इस लापरवाही के कारण अपने हक और अधिकार के लिए सभी शिक्षक न्यायालय जाने के लिए बाध्य हैं । 

ज्ञात हो, पटना हाईकोर्ट (Patna Highcourt) ने सूबे के सरकारी स्कूलों में कथित तौर पर बड़े पैमाने पर फर्जी डिग्रियों के आधार पर सेवा में बने शिक्षकों के मामले पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार से जवाब देने का निर्देश दिया है, जिसके बाद से शिक्षा कार्यालयों की बेचैनी बढ़ गई है, पर विभागीय उदासीनता के कारण सोनो प्रखण्ड क्षेत्र के तकरीबन 40 शिक्षक फोल्डर जांच करने के इस प्रकरण में अब शिक्षक आर-पार की स्थिति में नजर आ रहे हैं।


Input : Vivek Kr. Singh