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झाझा : धमना के ऐतिहासिक काली मंदिर में वार्षिक पूजनोत्सव संपन्न, भक्तिमय हुआ माहौल

【न्यूज़ डेस्क | अभिषेक कुमार झा】 :-

कोरोना नियमों का प्रपालन करते हुए मंगलवार को धमना स्थित काली मंदिर में वार्षिक पूजनोत्सव सादगीपूर्ण माहौल में सम्पन्न हो गया। मंगलवार की सुबह से ही मंदिर में श्रद्वालुओं का पूजा-पाठ का सिलसिला देर सन्ध्या तक जारी रहा। पूजा संपन्न होने के बाद बलि भी दी गई। 


बता दें, आस्था के इस महाकेन्द्र में बीते 14 जून को कलश स्थापन के साथ अनुष्ठान की शुरुआत हुई थी, और बलिदान के साथ इसका विधिपूर्वक इसका समापन किया गया । वार्षिक पूजनोत्सव के दौरान धमना के आस पास के दर्जनों गांवो के अलावे दूरदराज के श्रद्धालु पूजा अर्चना कर मन्नते मांगते नजर आये। मान्यता है कि, जो भी यहां आकर सच्चे मन से मन्नते मांगते है, उनकी मनोकामना मां काली अवश्य पूरी करती है।सुखी जीवन, व्यापार आदि के अलावे संतान, नौकरी तक के लिए यहां मनोकामनाएं पूरी होती है।

मन्दिर के पुजारियों ने मन्दिर के एतिहासिक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इस मंदिर के वार्षिक पूजनोत्सव की अपनी एक अलग ही पहचान है। सन 1684 से यहां माता की पूजा होती आ रही है। हर साल ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष में अमावस्या के प्रथम सोमवार को कलश स्थापना के बाद ही पूजा शुरू की जाती है जो नौ दिनों तक जारी रहती है। 


इधर, कमिटी के  द्वारा इस वर्ष श्रद्धालुओं को मास्क लगा कर मंदिर आने का आहवान किया गया था। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की अत्यधिक भीड़ न लगे, इसके लिए संक्रमण के दृष्टिगत मंदिर में बांस से मुख्य दरवाजे पर बेरिकेटिंग भी लगाई गई थी।

वहीं, उक्त अनुष्ठान स्थल पर किसी प्रकार का कोई विवाद उतपन्न न हो इसे लेकर शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए झाझा पुलिस सजग नजर आयी।


Input : Abhilash