पत्रकार पर प्राथमिकी सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन : प्रदेश सचिव - gidhaur.com : Gidhaur - गिद्धौर - Gidhaur News - Bihar - Jamui - जमुई - Jamui Samachar - जमुई समाचार

Breaking

Responsive Advertisement

Responsive Advertisement

Responsive Advertisement

बुधवार, 9 जून 2021

पत्रकार पर प्राथमिकी सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन : प्रदेश सचिव


Jamui / जमुई (न्यूज़ डेस्क) :-  राज्य के बक्सर जिला में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री अश्विनी चौबे के एक समर्थक द्वारा एंबुलेंस मामले में नगर थाना बक्सर में दिए गए आवेदन पर ईटीवी भारत(ETV Bharat) के पत्रकार उमेश पांडेय पर बिना जांच के पुलिस प्रशासन  द्वारा प्राथमिकी दर्ज करना सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का सरासर उल्लंघन है। जानकारी देते हुए ऑल इंडियन रिपोर्टर एसोसिएशन के प्रदेश सचिव विभूति भूषण ने बताया कि एंबुलेंस मामले में विगत 23 मई को बक्सर नगर थाना में बिना किसी जांच पड़ताल के पत्रकार उमेश पांडे के खिलाफ कांड संख्या 244/ 21 के तहत पुलिस द्वारा मामला दर्ज कर देना समझ से परे है। इस तरह की गतिविधि को किसी भी कीमत पर  बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हाल ही में उच्चतम न्यायालय के द्वारा यह आदेश दिया गया है कि किसी भी पत्रकार पर बिना किसी जांच के कोई मामला दर्ज नहीं किया जा सकता है और इससे संबंधित आदेश की प्रति सभी राज्य के पुलिस महानिदेशक और पूरे देश के सभी जिला के पुलिस अधीक्षक तथा वरीय पुलिस अधीक्षक को भी भेज दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट के द्वारा सभी पत्रकारों को पूरी सुरक्षा प्रदान करने का भी आदेश  सभी राज्य सरकार को दिया गया है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी चौबे को इस मामले में हस्तक्षेप करके पत्रकार के विरुद्ध दर्ज प्राथमिकी को तुरंत वापस लेेने को लेकर पहल करना चाहिए। क्योंकि प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से केंद्र सरकार के द्वारा संचालित योजनाओं को हर हमेशा  जन जन तक पहुंचाने का कार्य किया जाता है। इसलिए किसी भी पत्रकार पर बिना सोचे समझे कोई भी प्राथमिकी दर्ज करना कहीं से भी न्याय संगत नहीं है। यह प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के मैनुअल के भी खिलाफ है। हमारा संगठन पत्रकार के विरुद्ध इस तरह के कार्रवाई का घोर निंदा करता है।प्रदेश सचिव विभूति भूषण ने इस मामले में राज्यपाल फागू चौहान, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उप मुख्यमंत्री तारकेश्वर प्रसाद और रेणु देवी को भी संज्ञान लेने का अनुरोध किया है। ताकि पत्रकारों केे हितों की रक्षा हो सके और पीड़ित पत्रकार को न्याय मिल सके। अगर पत्रकार उमेश पांडे के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को जल्द से जल्द वापस नहीं लिया गया, तो हमारे संगठन के द्वारा पूरे राज्य स्तर पर चरणवार आंदोलन किया जाएगा। हमारा संगठन पत्रकारों केे हितों की रक्षा के लिए हर हमेशा से सजग और क्रियाशील है। किसी भी पत्रकार के साथ होनेे वाली  नाइंसाफी और ज्यादती को हरगिज बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

Edited by : Abhishek Kr. Jha

#Jamui, #Protest,  #GidhaurDotCom

Responsive Advertisement