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अलीगंज में मनायी गई मंगल पांडेय की 164वीं पुण्यतिथि

 


अलीगंज (चन्द्रशेखर सिंह) :-

 प्रखंड के युवा शक्ति कार्यालय में युवा नेता महेश सिंह राणा की अध्यक्षता में  महान भारतीय स्वतंत्रता सेनानी स्व. मंगल पांडेय की 164 वीं पुण्यतिथि मनायी गयी। जिसमें सर्वप्रथम लोगों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हे नमन किया और उनके बताये रास्ते पर चलने लिया। समाजसेवी सह अधिवक्ता शशिशेखर सिंह मुन्ना ने कहा कि देश को गुलामी की जंजीरों से मुक्त कराने के लिए1857 की विद्रोह पैदा करने वाले प्रमुख स्वतंत्रता संग्रामी थे। उन्ही की आवाज से पुरे देश के लोगों अंग्रेजीहुकूमत को हिला कर रख दिया था। वरिष्ठ कांग्रेस नेता सह सिकंदरा विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी धर्मेन्द्र पासवान उर्फ गुरुजी ने कहा कि मंगल पांडेय के द्वारा उठाई गई आवाज पुरे देश के लोगों में आग की तरह फैल गई थी, और 15 अगस्त 1947 को देश आजाद हो सका।जिसमें पहला योगदान मंगल पांडेय का ही था। उनके आवाज से बौखलाये अंग्रेजों ने उनपर कोर्ट मार्शल का मुकदमा चलाकर 6 अप्रैल 1857 को फांसी की सजा सुना दी गई।फैसले के अनुसार उन्हे 18 अप्रैल 1857 को फांसी की सजा दी जानी थी। लेकिन ब्रिटिश सरकार ने मंगल पांडेय को निर्धारित तिथि से दस दिन पूर्व ही 8 अप्रैल 1857 को फांसी पर लटका दिया गया था। वरिष्ठ कांग्रेसी नेता श्याम सुन्दर सिंह ने कहा कि मंगल पाण्डेय ने मारो फ़िरंगी को नारा देकर अंग्रेजी हुकूमत को नाके चने चबाने को मजबूर कर दिया था।कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष मकेश्वर यादव ने कहा कि भारत की स्वाधीनता के लिए सर्वप्रथम आवाज उठाने वाले क्रान्तिकारी वीर थे। डॉ. दिनेश कुमार ने कहा कि भारतीय स्वाधीनता संग्राम के अग्रणी योद्धा के रूप में लिया जाता है। मौके पर भुटाली साव, मनोज महतो, परमेश्वर यादव, अवधेश यादव, बंगाली मांझी, चंद्रशेखर आजाद, धर्मेन्द्र कुशवाहा के अलावे दर्जनो गणमान्य लोग मौजूद थे।

Edited by : Abhishek Kr. Jha