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पटना के महावीर कैंसर संस्थान में इन्टरनेशनल कांफ्रेंस ऑफ पैलियेटिव केयर कार्यशाला का हुआ आयोजन

पटना (Patna) | शुभम मिश्र : देश के प्रसिद्ध कैंसर चिकित्सा संस्थानों में शुमार महावीर कैंसर संस्थान पटना, में रविवार को इन्टरनेशनल कांफ्रेंस ऑफ पैलियेटिव केयर की कार्यशाला का आयोजन एम्स पटना एवं इंडियन एसोसिएशन ऑफ पैलियेटिव केयर के संयुक्त तत्वावधान में महावीर कैंसर संस्थान पटना की सहभागिता से किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ क्रमशः स्वागत गान गाकर एवं अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।
कार्यक्रम का मंच संचालन महावीर कैंसर संस्थान पटना की वरिष्ठ चिकित्सक डाॅ॰ रीता रानी ने की।वहीं मंच की अध्यक्षता संस्थान के चिकित्सा अधीक्षक डाॅ॰ एल.बी सिंह ने की।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में एम्स पटना के डीन डाॅ॰यू.के बदानी, झारखंड में चिकित्सकीय तौर पर समाजिक गतिविधियों में शामिल " कोशिश" संस्था के संस्थापक डाॅ॰अभिजीत दाम, लखनऊ के चिकित्सक डाॅ॰ पीयूष गुप्ता,मुजफ्फरपुर मेडिकल कॉलेज की प्रशामक विभागाध्यक्ष डाॅ॰ कहकशां, महावीर कैंसर संस्थान की वरिष्ठ चिकित्सक डाॅ॰मुकुल मिश्रा, डाॅ॰उषा सिंह,डॉ॰रजनी सिन्हा ने विषयान्तर्गत अपने-अपने विचार रखे।
वहीं इस कार्यशाला में बिहार के अन्य जिलों से आये स्वास्थ्य कर्मियों एवं समाजिक स्वयंसेवकों ने भाग लिया।मंच की अध्यक्षता करते हुए डाॅ॰ एल.बी सिंह ने कार्यशाला के थीम पर सहृदय अमल करने को कहा।
वहीं डाॅ॰ बदानी ने प्रशामक देखरेख के तरीकों को अपने परिवार एवं समाज में जरूरतमंद लोगों तक मदद करते हुए पहुंचाने की बात कही।
इस दौरान डाॅ॰ दाम ने कहा कि कैंसर,एड्स,पक्षाघात,हृदय संबंधी दिक्कतें,गुर्दे फेल होने जैसी गंभीर बीमारियों में जब रोगी एवं उसके परिजन हिम्मत हार जाते हैं तो यह चिकित्सा पद्धति उन्हें जीवन जीने की चाह देती है, इस चिकित्सकीय पद्धति द्वारा रोगी के आयु में वृद्धि होते हुए भी देखी गई है।उन्होंने म्यूजिक का स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव के बारे में भी बताया।
वहीं डाॅ॰ पीयुष ने जरूरतमंद हेतु सरकार एवं कानून से मदद लेने के तरीकों को बताया।इस दौरान डाॅ॰ कहकशां,डाॅ॰मुकुल मिश्रा,डॉ रजनी सिन्हा, डाॅ उषा सिंह ने प्रशामक देखरेख के तरीकों को बताया।कार्यक्रम का समापन डॉ रीता रानी ने कार्यशाला में आये हुए प्रशिक्षुओं को प्रमाण-पत्र देकर की।इस कार्यशाला में कैंसर संस्थान की वरिष्ठ नर्स के अलावे संस्था के रेडियोथेरेपी तकनीकी प्रशिक्षुओं को भी प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।