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Sunday, 7 February 2021

सिमुलतला : मॉबलिंचिंग के आरोप में दो गिरफ्तार, ग्रामीणों ने किया थाना का घेराव

सिमुलतला/जमुई (Simultala/Jamui) | (मुकेश कुमार सिंह) : थाना क्षेत्र अंतर्गत तिलौना गांव से शनिवार की संध्या स्थानीय प्रशासन द्वारा मॉबलिंचिंग के आरोप में एक ही परिवार के दो व्यक्ति को गिरफ्तार कर थाना लाया गया।मॉबलीचिंग का आरोपी बनाये जाने से ग्रामीणों ने गिरफ्तारी के विरुद्ध रविवार को सिमुलतला थाना (Simultala Police Station) का घेराव किया। थाना घेराव कर रहे ग्रामीणों का कहना था गिरफ्तार व्यक्ति निर्दोष है। घटना के समय तत्कालीन थानाध्यक्ष को लगातार फोन कर जानकारी दी जा रही थी, लेकिन घटना के कई घण्टे बाद घटनास्थल पर पुलिस पहुंची। अगर ससमय पुलिस पहुंचती तो घटना ही नहीं होती। इसलिये बेवजह किसी निर्दोष को मॉबलीचिंग का आरोपी बनाना सरेआम गलत है। ग्रामीणों ने गिरफ्तार लोगों को रिहा करने की मांग की। गिरफ्तार आरोपी सहित दर्जनों अज्ञात पर छह माह पूर्व गांव में बैल चोरी करने आए दो चोरों को भीड़ द्वारा पीट पीट कर हत्या कर दिए जाने का आरोप है। हालांकि थाना गेट पर खड़े ग्रामीणों को थानाध्यक्ष राज कुमार एवं स्थानीय समाजसेवियों द्वारा समझा बुझा कर शांत कराया गया।
जानिए मामला क्या है
रविवार की सुबह थाना का घेराव करने आए बघवा, तिलौना एवं टीटीचक के ग्रामीणों ने बताया की छह-सात माह पूर्व की बात है जब इस क्षेत्र में चोरों का आतंक चरम पर थी। लोगों के घरों से बैल, गाय, बकरी या अन्य सामानों की चोरी आम बात हो गई थी। सबकी रात की नींद हराम हो चुका था। सिमुलतला के तत्कालीन थानाध्यक्ष बीरभद्र सिंह को जो कोई शिकायत करते थे, वे उसे कभी गंभीरतापूर्वक नही लेते थे उल्टे हमलोगों को ही डांट फटकार कर थाना से भगा देते। कहते थे कैसे सोते हो जो घरों में चोरी हो जाती है। जाओ चोर को पकड़कर मुझे फोन करना। संयोगवश 7 जुलाई की रात्रि गांव के बाजो राय के घर पर लगभग आधा दर्जन की संख्यां में आए चोर बैल खोलकर भाग रहा था, गृहस्वामी को भनक लगते ही चोर चोर कर हल्ला करने लगे जिससे आस पास के लोग चोरों के पीछे दौड़ पड़े, इस दौरान चोरों द्वारा भी ग्रामीणों पर हथियार से जानलेवा हमला किया गया। अपनी आत्मरक्षा के लिये भी ग्रामीणों ने भी जवाबी कार्रवाई किया। तब तक आस पास  कई गांव के लोग एकत्रित हो गए और दोनों तरफ से डंडे पत्थर चलने लगा। इस दौरान दो चोर की मौत हो गई। घटना के बाद चोरों का पहचान चंद्रमंडीह थाना क्षेत्र के मानसिंगडीह गांव निवासी नागों पासवान एवं लालमोहन पासवान के रूप में हुई थी। उक्त दोनों पर पहले से भी कई संगीन आरोप लग चुके थे।घटना के बाद प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान सिमुलतला थाना कांड संख्या 51/20 में प्राथमिकी दर्ज की गई। तत्कालीन पुलिस अधीक्षक डा इनामुलहक मेगनु द्वारा ग्रामीणों को यह आश्वासन दिया गया था कि किसी भी ग्रामीणों को मुकदमे के उलझन में नही फंसाया जाएगा। लेकिन शनिवार को हुई इस गिरफ्तारी ने ग्रामीणों को सख्ते में डाल दिया। तिलौना गांव निवासी बाजो राय एवं उसके पुत्र दिलीप राय को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जमुई भेज दिया गया है। गिरफ्तार व्यक्ति दिहाड़ी की मजदूरी से परिवारिक भरण पोषण करता था। अब उसके परिवार में छोटे छोटे मासूम को भी निवाला देने वाला कोई कमाऊ व्यक्ति नहीं रहे। 
घेराव में आसपास के कई गांव के लोग थे मौजूद
गिरफ्तार दोनों आरोपियों को रिहा कराने के उद्देश्य को लेकर तिलौना गांव के अलावा बघवा टीटीचक, एवं केंदुवार के ग्रामीण भी थाना घेराव में पहुंचे थे।सभी लोग एक जुट होकर थाना गेट पर अड़े रहे कि निर्दोष को अभी रिहा करो तब हमलोग घेराव खत्म करेंगे नहीं तो डटे रहेंगें। घेराव में आये हुवे  लोगों का कहना था कि क्षेत्र में बढ़ी चोरो के आतंक से आम लोग काफी परेशान थे।चोरों को पकड़ना पुलिस के बूते से बाहर की बात थी आज उन दो चोरों को मारे जाने से पूरा क्षेत्र चैन की नींद सोता है, हमलोगों द्वारा उसे जान से मारने का मंशा नही था लेकिन भीड़ से सम्भल नही सका और उसकी मौत हो गई। यह सब पुलिस की सुस्त रवैया के कारण हुआ है घटना में तत्कालीन थानाध्यक्ष को भी आरोपी बनाना चाहिए. हालांकि सिमुलतला थानाध्यक्ष राजकुमार उग्र ग्रामीणों को अपने तरीके से समझाने में सफल रहे और कुछ देर बाद घेराव समाप्त हो गया। 

मीडियाकर्मियों से बातचीत के दौरान थानाध्यक्ष राज कुमार ने कहा-
यह एक मॉबलिंचिंग का मामला है। वरीय अधिकारियों के निर्देश पर दो आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।

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