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जमुई : झूठे केस में तीन की गिरफ्तारी, थानाध्यक्ष पर कार्रवाई की मांग

 【न्यूज़ डेस्क | अभिषेक कुमार झा】 :-

कहते हैं कानून के मंदिर में न्याय का प्रसाद मिलता है, पर जमुई जिले के लक्ष्मीपुर थाना क्षेत्र से कानून को शर्मशार करने वाला मामला प्रकाश में आया है। जहां, केनुहट गांव निवासी सुनीता देवी ने लक्ष्मीपुर थानाध्यक्ष मृत्युंजय पंडित पर सूचक से मोटी रकम लेने का आरोप लगाया है। इसके लिए आवेदक सुनीता देवी ने अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी जमुई को आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है। आवेदन में श्रीमति सुनीता देवी ने लक्ष्मीपुर थाना कांड संख्या 39/21 दिनांक 31/01/2021 अंतर्गत धारा 341, 323, 385 379 एवं 387 में दर्ज किए गए तीन निर्दोष व्यक्तियों को जेल भेज देने की भी शिकायत की है । 

आवेदन के साथ ग्रामीण

-परिवार के दर्जनों सदस्यों को बनाया नामजद अभियुक्त -

आवेदन के अनुसार, एक जमीनी विवाद से जुड़े मामले में धमकी व जमीन कब्जाने का विरोध ग्रामीणों ने किया था। जिसमें दबंगों व आवेदक के विपक्षों ने सोची समझी साजिश के तहत एक ही परिवार के 11 सदस्यों को नामजद अभियुक्त बनाकर अपनी कार से 1लाख 20 हजार रुपये ले लेने व 2 लाख रुपये रंगदारी के तौर पर मांगने का आरोप थौप दिया गया है। आवेदिका ने स्पष्ट करते हुए कहा है कि उनके विपक्षी एवं सूचक के दोस्ती और पार्टनरशिप की पुष्टि दोनों के मोबाइल लोकेशन और सीडीआर से की जा सकती है। 

जमीन पर मौजूद लोग व जेसीबी

आवेदिका सुनीता देवी ने बताया है कि लक्ष्मीपुर थानाध्यक्ष मृत्युंजय पण्डित ने न सिर्फ उक्त फर्जी कांड को  दर्ज किया बल्कि उनके तीन देवर को थाना में मिलने के बहाने हाजत में बंद कर उनका शारीरिक व मानसिक सोशन किया जा रहा है, जिसकी पुष्टि लक्ष्मीपुर थाना में लगे सीसीटीवी कैमरे से की जा सकती है। आवेदिका ने बताया है कि बिना आपराधिक इतिहास वाले को बन्द तथा मुख्य अभियुक्त को अब तक पुलिसिया पकड़ से आजाद रखा गया है।

इधर, शम्भू कुमार, जितेंद्र कुमार, सुमन देवी आदि ग्रामीणों ने बताया है कि केनुहट गांव के खाता नम्बर 77,  खसरा नम्बर 579 रकवा 1 एकड़ 18 दिसमल जमीन पूर्वजों की है जिसपर 3 गोतिया का मकान बना है।  जबकि इसी जमीन पर बंटी साह उर्फ संजीव साह और अनिल यादव ने एक सोची समझी साजिश के तहत झूठा मुकदमा कर दर्जनों लोगों को फंसा दिया है। 

Amit Kumar, Advocate

- अधिवक्ता के दलील से मिली जमानत -

मामले को लेकर ज्यूडिशियल मेजिस्ट्रेट ऐ.के. राज के समक्ष जेल गए लोगों के बचाव पक्ष में अधिवक्ता अमित कुमार के द्वारा जोरदार तरीके से पूरे प्रकरण को पेश की गई। साथ ही मामले के मुख्य बिंदु पर प्रकाश डालते हुए अधिवक्ता श्री कुमार ने कहा कि सम्बन्धित थानाध्यक्ष को एक दिन में ही अभियुक्तों को बिना एसडीपीओ के आदेश के क्यों जेल भेज दिया गया। साथ ही इसके दूसरे दिन कोई व्यक्ति जेसीबी लेकर जमीन पर पुलिस सुरक्षा के साथ आया, ताकि उक्तांकित जमीन को कब्जाया जा सके। वहीं, अधिवक्ता अमित कुमार के दलील को सही मानकर,कोर्ट द्वारा उन्हें जमानत दे दी है।

-आवेदिका ने की कार्रवाई की मांग -

वहीं, इस पूरे प्रकरण से जुड़े हर पहलू को साक्ष्य के रूप में संलग्न किये हुए उक्त आवेदन की प्रतिलिपि मुख्य न्यायधीश उच्च न्यायालय पटना, अध्यक्ष मानवाधिकार आयोग पटना,  पुलिस महानिरीक्षक भागलपुर, पुलिस उपमहानिरीक्षक मुंगेर  तथा पुलिस अधीक्षक जमुई को भी दी गई है। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नाम प्रेषित उक्त आवेदन में  लक्ष्मीपुर थानाध्यक्ष पर उन्होंने 10 लाख रुपये में ये डील करने की बात कहते हुए दोषी थानाध्यक्ष के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

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