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जमुई : कचहरी चौक पर किसानों ने फूंका PM मोदी का पुतला

 


Jamui /जमुई (विजय कुमार) :-


किसान विरोधी तीनों कृषि कानून के खिलाफ और न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान की खरीदारी की गारंटी के सवाल को लेकर अखिल भारतीय किसान महासभा की ओर से जमुई जिले के कचहरी चौक पर अनिश्चितकालीन धरना के तीसरा दिन धरनार्थियों ने प्रधानमंत्री मोदी का पुतला दहन किया।



 कार्यक्रम की अध्यक्षता किसान नेता व खुरन्ड़ा के पूर्व मुखिया भूषण यादव ने किया।  धरना को संबोधित करते हुए शंभू शरण सिंह ने कहा कि 70 से अधिक किसानों की शहादत के बाद मोदी सरकार ने किसानों से वार्ता के दौरान कानूनों को वापस लेने में असमर्थता जताते हुए विकल्प बताने की मांग की, जबकि किसान पहले ही विकल्प दे चुके हैं । वहीं, धरना को सम्बोधित करते हु आइसा प्रदेश उपाध्यक्ष बाबू साहब ने कहा कि मोदी सरकार का किसान आंदोलन के प्रति यह रवैया दिखाता है कि इस सरकार ने किस कदर अंबानी-अडानी जैसे पूंजीपतियों के सामने समर्पण किया हुआ है।

वहीं, दलित नेता जयराम तुरी ने कहा कि मोदी सरकार ने किसान आंदोलन के दबाव में संसद के शीतकालीन सत्र नहीं बुलाया , जबकि सर्वोच्च संस्था में किसान आंदोलन और किसान विरोधी कानूनों पर चर्चा होनी चाहिये थी। यह जनता द्वारा संसद में दिए गए बहुमत के साथ ही विश्वासघात है। असल में यह सरकार कॉरपोरेट जगत के सम्मुख पूर्णरूपेण आत्मसमर्पण कर चुकी है। इसलिए वार्ता को भी समय काटने और किसानों के धैर्य और जज्बे को तोड़ने के लिए इस्तेमाल कर रही है। लेकिन किसानों ने दिखा दिया है कि उनका हौसला टूटने वाला नहीं है।

मौके पर उपस्थित बासुदेब रॉय ने कहा कि नीतीश सरकार जहां एक तरफ धान की खरीदारी का 31 जनवरी अंतिम तारीख रखा है, वहीं दूसरी तरफ कोई भी पैक्स या व्यापार मंडल किसानों का धान सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य पर नहीं ले रहा है। यह सरकार सिर्फ और सिर्फ हवाबाजी पर चल रहा है ।

मौके पर रामचरित्र सिंह, कारू तुरी , सुरेन्द्र साह, मंटू तुरी, जोगिन्द्र मांझी, साजन पासवान, अर्जुन शर्मा, दामोदर यादव, मिथिलेश तांती , विसुन देवता, चूरू मांझी, धनेश्वर साह, अनीता देवी, मीना देवी, संजय तुरी, करण तुरी, रवि तुरी,सहित दर्जनों किसान मौजूद रहे।


Edited by : Abhishek Kr. Jha



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