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नागी डैम पहुंचे सीएम नीतीश कुमार, पक्षियों के कलरव से हुए अभिभूत, मैथिली ने लगाया चार चांद

हिमाचल प्रदेश और कर्नाटक में होने वाले पक्षी उत्सव आयोजन के तर्ज पर अब बिहार मे भी पक्षी महोत्सव का आगाज कर दिया गया है। प्रकृति के बीच पर्यटन के लिहाज से सैलानियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनने वाले नागी पक्षी आश्रयणी में हुए इस महोत्सव पर अभिषेक कुमार झा’ की समीक्षात्मक रिपोर्ट :-

प्राकृतिक वादियां, खुला आसमान और छावनी में तब्दील नागी डैम का इलाका... यह नजारा था झाझा प्रखंड क्षेत्र के नागी पक्षी अभ्यारण आश्रयणी , जहां बिहार के प्रथम पक्षी महोत्सव ‘कलरव’ का उद्घाटन करने पहुंचे सीएम नीतीश कुमार के आगमन को लेकर 1 सप्ताह पूर्व से ही तैयारियां चल रही थी। पक्षी व प्रकृति के क्षेत्र से जुड़ी राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय नामचीन संस्था बॉम्बे नेचरल हिस्ट्री सोसायटी यानी बीएनएचएस के वैज्ञानिकों की एक टीम पक्षी विशेषज्ञ अरवंद मिश्रा के साथ कई दिन पहले से ही नागी के आंचल में डेरा डाल रखा था।

बीते कुछ वर्षों से प्राकृतिक एवं पर्यावरण को लेकर बिहार सरकार की सजगता आमजन को भी प्रकृति के प्रति लगाव को बढ़ाया है।  वहीं , इस वर्ष नागी पक्षी आश्रयणी में लगभग दो घंटे के कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राजकीय पक्षी महोत्सव का विधिवत शुभारंभ करने के साथ-साथ 20 लाख रुपये की लागत से निर्मित आधुनिक संचेतन केंद्र का भी उद्घाटन किया। इस दौरान जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम कराये गए थे।

● मैथिली ठाकुर की प्रस्तुति ने कार्यक्रम में लगाया चार चांद

इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में लोक प्रसिद्ध गायिका मैथिली ठाकुर की शानदार प्रस्तुति ने कार्यक्रम में चार चांद लगाया। बिहार के लोक गायिका शारदा सिन्हा के गीत -’गांव के अधिकारी,हम्मर छोटका भईया होउ’ के संगीत पर दर्शकों से खूब तालियां बटोरी। प्रस्तुति के समापनोप्रांत सीएम न मंच पर सुश्रीे मैथिली को सम्मानित भी किया। सीएम के मंचसीन होने के पूर्व ही अपने सुर संगीत से खुशनुमा माहौल कायम करने में मैथिली ने अग्रणी भूमिका निभाई। 

● बेहद सख्त थी सेक्युरिटी, ड्रोन की नजर में था पूरा स्पॉट

जिला प्रशासन द्वारा सीएम के आगमन की तैयारियां सुरक्षित रखते हुए सिक्युरिटी को भी सख्त रखा गया था। मुख्य मार्ग से डैम तक के प्रवेश द्वार पर बैरियर लगाकर अनाधिकृत वाहनों के प्रवेश को रोका जा रहा था। इसके अलावे पूरे स्पॉट पर ड्रोन कैमेरा से कड़ी निगरानी की जा रही थी। एसपी पी.के. मंडल, अपने पुलिस पदाधिकारी व अधिकारियों को समय-अवधि में विशेष दिशा-निर्देश देते नजर आए।

● मेहमान पक्षियो को सीएम ने पहनाया रिंग, वैज्ञानिको ने छोड़ा

नागी डैम पर आयोजित हो रहे तीन दिवसीय प्रथम राज्य पक्षी महोत्सव ‘कलरव‘ मे पहुॅचे बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने बीएचएनएस के वैज्ञानिक मंदार नेचरल के डाॅ0  अरबिंद मिश्रा,डाॅ0नीता साह,डाॅ0 तूहिना कटटी,फादर आॅफ रिंगिंग एस बालाचंद्र से डैम पर आये मेहमान पक्षियो के बारे मे विस्तृत जानकारी ली।इस दौरान यूरोप से आये महत्वपूर्ण पक्षी टिकटिकी  को वैज्ञानिको द्वारा रिंग पहनाया गया  जिसे सीएम के हाथो छोड़ा गया। वहीं सीएम को डाॅ0 नीता साह ने बताया कि चालीस वर्ष पहले भी पक्षियो को रिंग पहनाया गया जिसकी रिकवरी बिहार कावर झील मे हुई।इसी रिंगिंग के द्वारा संस्था बीते 90 वर्षो से काम कर रही है।फादर आॅफ रिंगिंग एस बालाचंद्र चालीस वर्षो से पक्षियो का रिंग पहनाने का काम किया जा रहा है।वैज्ञानिको ने सीएम को बताया कि यह स्थान काफी महत्वपूर्ण है बिहार मे पक्षियो के मूल्य निवास स्थान को दर्शाता है। यहाॅ विदेशो से पक्षियां आती है और मार्च माह के अंतिम दिनो मे अपने प्रदेश लौट जाती है।

● मीडिया कर्मियों को कवरेज में करनी पड़ी जद्दोजहद

यूं तो स्थानीय मीडिया कर्मियों के सुविधा का ख्याल जिला प्रशासन द्वारा रखा गया था पर नागी डैम आश्रयणी में सीएम नीतीष कुमार के विभिन्न स्थलों का निरीक्षण सहित नौका बिहार भृमण आदि के कवरेज के लिए मीडियाकर्मियों को काफी जद्दोजहद करनी पड़ी। हालांकि मीडिया से सीधे मुँह मुखातिब होने में सीएम कतराए पर संख्या में अधिक मीडिया कर्मी के बल पर सीएम ने इस कार्यक्रम और पर्यावरण पर अपना वक्तव्य रख औपचारिकता पूरी कर ली। इसके बाद किसी भी मीडियाकर्मी के सवालों का जवाब देना उन्होंने मुनासिब नहीं समझा।

● मंच से सीएम ने जनसमूह का जताया आभार -

कार्यक्रम स्थल पर बनाये गए मंच पर तकरीबन 4 मिनट के भाषण मे सीएम ने नागी-नकटी के सौन्दर्यकरण पर अपनी बात रखी साथ ही इसके भौगोलिकता को मुक्तकंठ से सराहा। वहीं, बिहार के प्रथम राजकीय पक्षी महोत्सव का गवाह बनने के लिए उमड़े जनसमूह का भी आभार जताया । पूरे कार्यक्रम को देखने उमड़े जनसैलाब ने नागी-डैम को त्रिकोणीय घेर रखा था। प्रशासन द्वारा बांस-बल्ले लगाकर बन्दोबस्ती दुरुस्त रखी गई थी।

● कभी थी वीरानगी यहां , आज खिला है चमन

एक जमाने में नक्सलियों के लिए सेफ जॉन माना जाने वाला यह इलाका आज गुलज़ार हो उठा है। पर्यवरण संरक्षण का हवाला देते हुए सीएम ने हर वर्ष कार्यक्रम आयोजन की बात कही। वहीं, नागी डैम पर इतिहास के एक अध्याय की नींव रखे जाने से पक्षियों का कलरव और लोगों की चहलकदमी स इसे विरान बगिया मे चमन खिला दिया है।

● कहीं कोसमा आहार जैसा न हो जाये नागी डैम की स्थि ति

बिहार सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट माना जाने वाला जल जीवन हरियाली योजना जमुई जिले के गिद्धौर प्रखंड अंतर्गत बानाडीह में क्रियान्वित की गई थी, जिसमें सीएम ने जल और हरियाली के बीच में जीवन को दर्शाया था । साथ ही तकरीबन 3 करोड रुपए के आधा दर्जन योजनाओं का भी शिलान्यास निवर्तमान डीएम धर्मेंद्र कुमार की उपस्थिति में की गई थी। लेकिन प्रशासनिक, विभागीय व सरकारी उदासीनता के कारण आज कोसमा आहार पर क्रियान्वित हुए उक्त योजना पर ग्रहण लगता नजर आ रहा है । ऐसे में तकरीबन 20 लाख रुपए की लागत से आधुनिक संचेतन केंद्र का उद्घाटन सीएम द्वारा किए जाने के बाद लोगों के जुबां पर यह सवाल है कि यदि यहां भी प्रशासनिक, अधिकारी व सरकारी उदासीनता बरती गई तो कोसमा आहार के तरह आने वाले समय में नागी डैम की भी स्थिति बदहाल हो जाएगी। साथ ही पक्षियों के प्रति जागरूकता लाने और युवाओं में 'पक्षी प्रेम' जगाने के उद्देश्य से पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन विभाग बिहार में राजकीय पक्षी महोत्सव 'कलरव' का यह नायाब आयोजन विफल साबित होगा।