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गिद्धौर : सेविका से CDPO ने मांगा स्पष्टीकरण, जवाब में खुली कार्यालय कर्मियों की पोल

न्यूज़ डेस्क | अभिषेक कुमार झा】 :-

एक ओर जहां सरकार ने आमजन पोषण के प्रति नजरिया व उनके रोजाना के व्यवहार में बदलाव लाने के मद्देनजर पोषण परामर्श केंद्र की स्थापना की है, वहीं दूसरी ओर सरकारी आस्तीन में कार्यरत कुछ कर्मियों की मनमाफिक कार्यशैली सरकार के इस तंत्र में पलीता लगा रहा है। 

मामला समेकित बाल विकास परियोजना कार्यालय गिद्धौर का है जहां कार्यरत कर्मियों को नजराना नहीं देने पर एक सेविका के प्रपत्र एवं वाउचर जमा नहीं लिए जाने से सेविका पर ही विभागीय गाज गिरी है। दरअसल, गिद्धौर प्रखंड क्षेत्र के रतनपुर पंचायत अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्र भौराटांड़ संख्या-9 में कार्यरत सेविका पिंकी कुमारी द्वारा दिसम्बर 2020 का पोषाहार अभिश्रव कार्यालय में जमा नहीं करने के सम्बंध में बीते 25 जनवरी को पत्रांक 68 के माध्यम से जवाब तलब करते हुए सीडीपीओ ने उक्त सेविका पर अनियमितता, अनुशासनहीनता एवं वित्तीय अनियमितता के मामले पर स्पष्टीकरण की मांग की थी। 


इधर, सेविका पिंकी कुमारी ने अपने स्पष्टीकरण का जवाब पेश करते हुए कार्यालय में व्याप्त कमीशनखोरी की पोल खोल दी। सीडीपीओ को प्रेषित किये गए अपने जवाब में सेविका पिंकी ने बताया है कि प्रपत्र और भौऊचर के जमा लेने के एवज में कार्यालय कर्मी ने नजराने की मांग थी, जिसे न देने पर उनका कागज़ात लम्बित रखा गया और वे दिसम्बर माह का पोषाहार जमा नहीं कर सके। वहीं, सेविका पिंकी कुमारी ने स्वयं को निर्दोष सिद्ध करते हुए सीडीपीओ से उक्त मामले में वर्णित तथ्यों को निष्पक्षतापूर्वक जांचकर सम्बन्धित व्यक्ति पर उचित कार्रवाई की मांग की है।