बड़ी खबरें

गिद्धौर : काली पूजा पर कोरोना का काला साया, रतनपुर में 14 नवम्बर को होगा अनुष्ठान

 


 



Gidhaur News (गिद्धौर/रतनपुर) :-


धर्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों पर अब भी कोरोना ने अपनी गहरी पैठ जमा रखी है, जिसके परिणामस्वरूप इस बार रतनपुर में 14 नवम्बर को होने वाला काली पूजा सादगीपूर्ण रहेगा। इस वर्ष अन्य धार्मिक अनुष्ठानों की तरह पंचायत का काली पूजा पर भी कोरोना की काली छाया रहेगी।  कोरोना महामारी के कारण प्रशासन के दिशा निर्देशों का पालन करते हुए काली पूजा का आयोजन होगा । जिसके कारण  इस वर्ष काली पूजा पर न तो मेला लगेगा और न ही भव्य पंडाल बनेगा।  कमेटी के द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि पूजा के दौरान श्रद्धालु सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए मास्क लगाकर श्रद्धालु मां का सिर्फ दर्शन करेंगे। 

 वहीं , इस संदर्भ में दुर्गा पूजा सह काली पूजा कमेटी के सदस्य एवं पंचायत के मुखिया राजेश सिंह ने बताया कि कोरोना महामारी के दौर में भव्य रूप से काली पूजा का आयोजन करना संभव नहीं है। महामारी के दौर में सादगी पूर्वक पूजा का आयोजन किया जाएगा । बिना पांडाल व मेला के आयोजन बिना  पारंपरिक तरीके से अनुष्ठान संपन्न कराया जाएगा । मुखिया श्री सिंह ने बताया कि 14 नवंबर  की रात मां काली की प्रतिमा का प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी और रविवार की संध्या विधिवत रूप से मूर्ति का विसर्जन कोसमा आहार में किया जाएगा।

आपको बता दे , दुर्गा पूजा सह काली पूजा कमेटी के अध्यक्ष- कन्हैया जी, सचिव- जागेश्वर रजक, कोषाध्यक्ष- गोपाल केसरी एवं वर्तमान मुखिया के देखरेख में यह काली पूजा की संपूर्ण तैयारी की जाती है। कमेटी का गठन तकरीबन 10 वर्ष पूर्व में किया गया था।

काली पूजा की तैयारी वर्तमान मुखिया, रतनपुर गांव के वार्ड सदस्य एवं ग्रामीणों के द्वारा सहयोग राशि उपलब्ध करके की जाती है। 

ज्ञातव्य हो,  रतनपुर में मां काली का बहुत ही प्राचीन इतिहास रहा है।  तकरीबन 43 वर्षों से मां काली की प्रतिमा को बनाने वाला कलाकार मूर्तिकार सुदामापुर निवासी नुनूदेव रविदास कर रहे हैं।

No comments