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क्या होगा नीतीश कुमार का राजनीतिक भविष्य? बनेंगे मोदी कैबिनेट में मंत्री, पढ़ें धनंजय कुमार सिन्हा का विश्लेषण

पटना | धनंजय कुमार सिन्हा : बिहार (Bihar) में एनडीए (NDA) और महागठबंधन (Mahagathbandhan) के बीच 5 से 10 सीटों का फासला रहेगा। टक्कर कड़ी है। इसलिए कोई भी किसी पर भारी पड़ सकता है। 10 नवम्बर अब ज्यादा दूर नहीं है।

जदयू (JDU) की सीटें पहले की तुलना में कम होंगी - यह तो साफ है, और सभी अनुमानों (Exit Polls) में भी ऐसा ही दर्शाया गया है। पर बीजेपी (BJP) की सीटें पहले की तुलना में कम होंगी, इसे लेकर संदेह जरूर है। मुझे लगता है कि बीजेपी की सीटें पहले की तुलना में बढ़ेंगी। अब कितनी बढ़ेंगी, यह तो इवीएम (EVM) खुलने के बाद ही पता चलेगा। 

मुझे लगता है कि सिंगल लारजेस्ट पार्टी के लिए राजद (RJD) और भाजपा (BJP) में टसल हो सकता है। अगर इस मुकाबले में भाजपा ज्यादा पीछे रही तब तो महागठबंधन आसानी से सरकार बना लेगी। लेकिन अगर इस मुकाबले में भाजपा आगे निकल गई या करीब-करीब राजद(RJD) के आस-पास भी रही तो फिर एनडीए और महागठबंधन की कुल सीटों में भी बहुत ज्यादा फासला नहीं रह पायेगा। 
महागठबंधन अगर 122 के आंकड़े को पार कर गई तब तो तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ही बिहार के मुख्यमंत्री (Chief Minister of Bihar) बनेंगे। लेकिन अगर 2-4 सीट भी पीछे रही और जोड़-तोड़ की नौबत आ गई तो बीजेपी ऐसी स्थिति में बाजी मार सकती है।

इन सबके बीच एक चीज तो करीब-करीब तय है कि नीतीश कुमार (Nitish Kumar) बिहार के अगले मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे। महागठबंधन की सरकार बनेगी तब तो नहीं ही बनेंगे, और अगर किसी तरह से एनडीए (NDA) की भी सरकार बन गई तो भी नहीं बनेंगे क्योंकि ऐसी परिस्थिति में जेडीयू की तुलना में भाजपा की सीटें ज्यादा होंगी तो निश्चित ही भाजपा वाले अपना मुख्यमंत्री बनाना चाहेंगे।

लम्बे समय तक बिहार के मुख्यमंत्री रह चुके नीतीश कुमार अब केन्द्र सरकार में कैबिनेट मंत्री (Cabinet Minister) के रूप में दिखेंगे। अगर महागठबंधन की सरकार बनी तो बिहार विधान परिषद में बैठने से जरूर बेहतर होगा कि नीतीश कुमार केन्द्र में मंत्री बनें। अगर भाजपा के मुख्यमंत्री वाली एनडीए सरकार बनी, तब भी नीतीश कुमार के लिए केन्द्र में मंत्री बनना ही बेहतर होगा। 

हां, यह भी हो सकता है कि लंबे समय से राजनीतिक पालियां खेल रहे नीतीश कुमार राज्यपाल (Governor) जैसे आरामदायक पद की चॉइस करें। पर शायद ही प्रधानमंत्री (Prime Minister) नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) इस बात के लिए तैयार हों, क्योंकि आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (West Bengal Assembly Election) में ममता बनर्जी (Mamta Banerjee) के खिलाफ प्रचार के लिए प्रधानमंत्री मोदी के सहयोगी के रूप में नीतीश कुमार से ज्यादा उपयुक्त कौन हो सकता है! इसलिए निश्चित ही प्रधानमंत्री मोदी नीतीश कुमार को खींचकर अपने कैबिनेट में ले जाने का प्रयास करेंगे।

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