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गिद्धौर : दुर्गा पूजा एवं लक्ष्मी पूजा का कैसे होगा आयोजन? पढ़ लीजिये इस खबर को

गिद्धौर/जमुई (Gidhaur/Jamui), 6 अक्टूबर | अपराजिता :
यूं तो शारदीय दुर्गा पूजा देश के कई हिस्सों में मनाया जाता है। लेकिन अगर बात गिद्धौर के दुर्गा पूजा की हो तो मन में गजब का उल्लास पैदा हो जाता है। गिद्धौर का दुर्गा पूजा (Durga Puja Gidhaur) सदियों से प्रसिद्ध है। उलाई नदी (Ulai River) के तट पर स्थित दुर्गा मंदिर में मां दुर्गा की पूजा विधि-विधान सहित होती है। इस वर्ष दिनांक 17 से 25 अक्टूबर तक नवरात्र है और दिनांक 26 अक्टूबर को विजयादशमी है। फिर इसके बाद 2 अक्टूबर को लक्ष्मी पूजा और 3 को विसर्जन है।

दुर्गा पूजा कार्यक्रम की उद्घोषणा ज्योतिषाचार्य डॉ. विभूति नाथ झा के द्वारा की जा चुकी है। प्रत्येक वर्ष दुर्गा पूजा में गिद्धौर में बहुत बड़ा मेला लगता है। जिसमें बाहर से सर्कस, चूड़ीयों की दुकान, मिठाई की दुकान, कठघोड़ा, झूला, तारामाची, मौत का कुआं, जादू जैसे बहुत सारे खेल तमाशे आते हैं। दुर्गा पूजा के मेला का इंतजार यहां के स्थानीय लोगों के साथ- साथ बाहर से दुर्गा जी का दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं को भी रहता है।
आपका अपना लोकप्रिय और भरोसेमंद gidhaur.com दुर्गा पूजा संबंधित खबरों को प्रसारित करने में विगत 3 वर्षों से अहम भूमिका निभा रहा है। इस वर्ष श्रद्धालुओं के मन में यह उठता है कि क्या इस बार गिद्धौर में कोरोना की वजह से मेला लगेगा या नहीं लगेगा? क्या मांं दुर्गा के दर्शन के लिए भी किसी दिशा-निर्देश का पालन करना होगा? इन सब बातों को विस्तार से जानने के लिए मंगलवार को शारदीय दुर्गा पूजा सह लक्ष्मी पूजा समिति के उपाध्यक्ष अजीत कुमार उर्फ कारू जी से gidhaur.com ने बातचीत की।
उनसे जब पूछा गया कि इस बार मेला में क्या-क्या रहेगा तो उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस की वजह से एक भी दुकान या खेल-तमाशे नहीं आएंगे। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए मास्क लगाकर भक्तगण माता रानी का दर्शन करेंगे तथा शांतिपूर्ण माहौल में पूजा पाठ करके घर वापस जाएंगे। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार का जो भी गाइडलाइंस रहेगा दुर्गा पूजा के लिए हम लोग उसको फॉलो करेंगे।
शारदीय दुर्गा पूजा सह लक्ष्मी पूजा समिति के उपाध्यक्ष अजीत कुमार ने बताया कि शारदीय दुर्गा पूजा समिति में किसी भी प्रकार का कोई बदलाव नहीं किया गया है। समिति की अध्यक्ष पतसंडा पंचायत की मुखिया संगीता सिंह हैं। अजीत कुमार ने कहा कि जब तक शारदीय दुर्गा पूजा सह लक्ष्मी पूजा समिति की शांति समिति की बैठक गिद्धौर थानाध्यक्ष तथा गिद्धौर के बीडीओ के साथ नहीं होगी, हम लोग स्वयं कोई भी निर्णय नहीं ले सकते हैं। खेल तमाशा इस बार लगेगा या नहीं? इस प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि इस बार खेल-तमाशा नहीं लगेगा। हमेशा की भांति मां की प्रतिमा स्थापित होंगी और शांतिपूर्ण तरीके से पूजा की जाएगी।

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