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गिद्धौर : शिक्षकों ने थामा मशाल, लिया NDA को वोट नहीं देने का संकल्प



 Gidhaur News :-

 बिहार में शिक्षा का ज्योत जलाते हुए अपने जीवन का बहुमूल्य समय देकर 2005 में साढ़े 12 प्रतिशत विद्यालय से बाहर रहने वाले सूबे के असहाय-गरीब बच्चों में से अधिकांश बच्चों को विद्यालय की मुख्य धारा से जोड़कर उन्हें शिक्षित करने वाले 04 लाख शिक्षक आज सरकार के गलत नीतियों का शिकार होकर अपने जीवन को बचाने की जद्दोजहद में लगे हैं ।
उक्त बाते बिहार पंचायत नगर-प्रारंभिक शिक्षक संघ के बैनर तले राज्यव्यापी आंदोलन के तीसरे चरण में शनिवार को प्रदेश अध्यक्ष आनंद कौशल सिंह ने कही।
मौका था शिक्षकों के संकल्प सभा का जहां राज्य के JDU - BJP सरकार की वादा खिलाफी एवं शिक्षकों के विरुद्ध अमानवीय आचरण के विरोध में मशाल जलाये गए थे। स्थानीय संघ कार्यालय के समीप शिक्षकों ने मशाल जलाकर नकली सेवाशर्त लागू किए जाने के विरोध में एनडीए को अपना वोट नहीं देने का संकल्प लिया । प्रदेश अध्यक्ष आनंद कौशल सिंह ने कहा कि विगत 15 साल से सरकार के द्वारा बिहार के चार लाख शिक्षकों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है । शिक्षकों के एक भी प्रमुख माँग पूरी नहीं की गई । उलटे नकली सेवाशर्त लागू कर शिक्षकों को अपमानित किया गया है । उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री शिक्षकों के 17 वर्षो की सेवा का मूल्य नहीं समझते है, तो बिहार के चार लाख शिक्षक भी एनडीए सरकार को आगामी विधानसभा चुनाव में अपनी वोट की ताकत दिखा देंगे। गांव-गांव में चौपाल लगाकर लोगों के समक्ष शिक्षा और शिक्षक विरोधी एनडीए सरकार की पोल खोलेंगे । तीसरे चरण के इस आंदोलन में कोषाध्यक्ष राजीव बर्णवाल, प्रखंड अध्यक्ष  बशिष्ठ यादव, महासचिव ब्रजेश सिंह, वरीय उपाध्यक्ष रंजीत यादव,कोषाध्यक्ष प्रदीप रजक, अलावे कई शिक्षक उपस्थित रहे।