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गिद्धौर प्रखण्ड मुख्यालय के 27वें स्थापना दिवस पर समारोह आयोजित


Gidhaur News (धनंजय कुमार 'आमोद') :-

मंगलवार को गिद्धौर प्रखण्ड मुख्यालय परिसर में समारोह आयोजित कर 27 वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम में जिलाधिकारी, डीडीसी व एसडीओ ने संयुक्त रूप से शिरकत किया। प्रखण्ड विकास पदाधिकारी ने आलाधिकारियों का अभिनन्दन कर कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलित कर की। 


डीएम धर्मेन्द्र कुमार, डीडीसी आरिफ हसन, एसडीओ प्रतिभा रानी, प्रखण्ड प्रमुख शम्भू केशरी, पूर्व मंत्री दामोदर रावत, झाझा विधायक डॉ. रवीन्द्र यादव, बीडीओ गोपाल कृष्णन, सीओ रीता कुमारी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित करते नजर आए। कार्यक्रम में मौजूद पूर्व मंत्री दामोदर ने सर्वप्रथम अपने सम्बोधन में गिद्धौर के गौरवशाली इतिहास पर प्रकाश डाला। श्री रावत ने कहा कि अपने 26वर्षों के सफर में गिद्धौर ने विकास के नए आयाम गढ़े हैं । उन्होने कहा कि मुख्यालय की स्थापना बहुत संघर्षमय रही है। कभी प्रयासों के बाद इस संघर्ष को बिहार सरकार के तत्कालीन मंत्री जयप्रकाश नारायण यादव, व सीएम लालू यादव का समर्थन मिला और 07 सितम्बर 1994 को गिद्धौर प्रखण्ड का गठन सम्भव हो सका। पूर्व मंत्री श्री रावत ने प्रखण्ड के स्वर्णिम इतिहास व विगत 26 वर्षों में होने वाले विकास कार्यो व उपलब्धियों के बारे में अपनी बात रखते हुए कार्यक्रम में उपस्थित होने के लिए डीएम, डीडीसी व एसडीओ को संयुक्त रूप से धन्यवाद का पात्र बताया।


- डीएम ने पूर्व मंत्री के प्रयासों को सराहा -

डीएम धर्मेन्द्र कुमार ने सम्बोधन के दौरान गिद्धौर के लार्डे मिंटो टावर, राजमहल जैसे एतिहासिक धरोहर व गिद्धौर महोत्सव के वर्चस्व एवं यहां विकास की गति की प्रशंसा की। इसी क्रम में डीएम धर्मेन्द्र कुमार ने गिद्धौर में विकास को गति देने में अपनी भूमिका निभाने वाले पूर्व मंत्री दामोदर रावत के प्रयासों की सराहना की है। उन्होंने कहा है कि पूर्व मंत्री के प्रयास से आज गिद्धौर में आईटीआई, शिक्षण प्रशिक्षण केन्द्र जैसे आवश्यक भवन प्राप्त हुआ है। इसके अलावे सदर प्रखण्ड में भी कई भवन श्री रावत की ही देन है। उन्होंने इस कार्यक्रम में आमंत्रित करने के लिए भी पूर्व मंत्री श्री रावत को धन्यवाद का पात्र बताया। अपने संबोधन में डीएम धर्मेन्द्र कुमार ने गौरव से कहा कि पूरी जिले में सबसे बेहतर स्थिति गिद्धौर प्रखण्ड की है। हर सराकरी योजनाओं के क्रियान्वयन में गिद्धौर का प्रदर्शन अव्वल रहा है। वहीं, डीएम ने गिद्धौर महोत्सव का जिक्र करते हुए इसकी उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि गिद्धौर के इस इतिहास को पूरे सूबे में जाने इसके लिए अभी प्रयास करने की जरूरत है।


- दो राजनेताओं के बीच थे 3 आईएस अधिकारी , सम्बोधन का नही मिला अवसर - 

कार्यक्रम को लेकर बनाये मंच पर आसीन एनडीए के दो नेताओं के बीच 3 आईएस अधिकारी नजर आए। दोनों नेताओं ने अपने सम्बोधन में गिद्धौर प्रखण्ड व मुख्यालय के स्थापना पर अपनी बात रखी। वहीं, तकरीबन 40 मिनट के इस समारोह में डीएम ने बीडीओ गोपाल कृष्णन के कार्यकाल को सराहते हुए इस कार्यक्रम को फेयरवेल का पर्याय बताया। वहीं, अल्पावधि के कारण कार्यक्रम में मौजूद डीडीसी व एसडीओ को सम्बोधन का अवसर नही मिल सका। इधर, प्रखण्ड प्रमुख शम्भू केशरी व विधायक रवीन्द्र यादव ने भी समारोह को सम्बोधित किया।



स्थापना दिवस पर हुआ पुस्तक विमोचन -

समारोह के मंच पर उपस्थित डीएम, डीडीसी, प्रखण्ड प्रमुख शम्भू केशरी, पूर्व मंत्री दामोदर रावत, बीडीओ गोपाल कृष्णन, ने स्थापना दिवस पर पुस्तक का विमोचन किया। पुस्तक में गिद्धौर मुख्यालय स्थापना का जिक्र से लेकर गिद्धौर के इतिहास व यहां स्थित तमाम सरकारी भवनों का उल्लेख है। 


- मौरा मुखिया ने की कार्यक्रम समाप्ति की घोषणा -

समारोह की अगुवाई कर रहे बीडीओ गोपाल कृष्णन के आह्वाहन पर कार्यक्रम समाप्ति की घोषणा के लिए मंच पर मौरा पंचायत के मुखिया को आमंत्रित किया गया। वहीं कार्यक्रम में शामिल लोगों का आभार जताते हुए मौरा मुखिया कामता प्र सिंह ने कुमार कालिका सिंह का जिक्र करते हुए कार्यक्रम का समापन किया।



- ये रहे कार्यक्रम में मौजूद -

कार्यकर्म में मुख्य रूप से प्रखण्ड प्रमुख शम्भू केशरी, अंचलाधिकारी रीता कुमारी, सीडीपीओ रीना कुमारी, मंच संचालक राजवंश केशरी, मुखिया प्रतिनिधि गुरुदत्त प्रसाद, सेवा मुखिया परमेश्वर पंडित, राजस्व कर्मचारी श्री पंकज, पीडीएस संचालक सहित प्रखण्ड कार्यालय कर्मी दर्शक दीर्घा में मौजूद रहे।

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