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जमुई : शिक्षक दिवस के पूर्व संध्या पर PSACWA निकालेगा कैंडिल मार्च, बैठक में लिया निर्णय

 【 न्यूज़ डेस्क | अभिषेक कुमार झा 】:-

एक तरफ जहां कोरोना  (Covid-19) का प्रकोप अपने उफान पर हैं वही, विधि व्यवस्था पटरी पर लाने के लिए सरकार ने अनलॉक (unlock) की प्रक्रिया भी शुरु कर आमजन को राहत पहुंचाने में जुटी है। वहीं लॉक डाउन (LockDown) को लेकर प्रभावित हुए निजी विद्यालयों (Private School) पर सरकार की दमनकारी नीति संचालकों पर भारी पड़ रही है।  इसी को लेकर सोमवार (Monday) की देर सन्ध्या प्राइवेट स्कूल एंड चिल्ड्रन वेलफेयर एसोसिएशन (Private School & Children Welfare Association) के पदाधिकारियों व शीर्ष सदस्यों की प्रदेश स्तरीय वर्चुअल बैठक सम्पन्न हुई। 



बैठक की अध्यक्षता कर रहे राष्ट्रीय अध्यक्ष स्माईल अहमद (National President PSACWA Shamael Ahmed ) ने सर्वप्रथम पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी (Pranav Mukherjee) के निधन पर अपनी श्रद्धांजलि देते हुए उन्हें नमन किया। वहीं अधिकारियों व बैठक में शामिल वरिय सदस्यों को सम्बोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष ने शिक्षक दिवस (Teachers' Day) की पूर्व संध्या पर प्रखंड व जिला मुख्यालय में कैंडिल मार्च (Candle March) निकालकर निजी स्कूल के प्रति सरकार व अभिवावक के उदासीन रवैये पर आक्रोश व्यक्त करने की बात कही। उन्होने कहा कि लगभग 6 महीने के लॉकडाउन अवधि में निजी विद्यालयों (Private Schools) के तमाम शिक्षक एवं कर्मियों के समक्ष भुखमरी की समस्या उत्पन्न हो गई है, साथ ही विद्यालय बंद होने का भी संकट खड़ा हो गया है। विद्यालय एकाएक बंद होने से प्रदेश भर  में हजारों शिक्षक, शिक्षकेतर कर्मचारी, चालक तथा अनुचर (House-Keeping) भी काम से वंचित हो गये हैं। लॉक डाउन की ऐसी स्थिति में सरकार निजी विद्यालयों की क्षतिपूर्ति का वहन करने को लेकर भी बैकफुट (Back foot) पर दिख रही है। 

इधर, बैठक के में भाग ले रहे संघ के जिलाध्यक्ष लक्ष्मण झा, उपाध्यक्ष अमर सिंह एवं महासचिव विजय कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से जानकारी देते हुए बताया है कि बच्चों के शैक्षणिक स्तर में गिरावट न हो इसके मद्देनजर विद्यालय संचालकों द्वारा ऑनलाइन क्लास (Online Classes) की व्यवस्था लगातार जारी है। बावजूद इसके अभिभावक फीस भुगतान (Fees Payment) में रुचि नही दिखा रहे हैं। इसी को लेकर शिक्षक दिवस के पूर्व संध्या पर सांकेतिक कैंडल मार्च निकालकर  PSACWA द्वारा  अपनी मांग रखी जायेगी। उन्होंने संघ के उक्त आह्वान को सफल बनाने की अपील करते हुए बताया है कि ऐसी परिस्थितियों में भी यदि सरकार व अभिवावक निजी विद्यालयों के प्रति आर्थिक, भौतिक व सामाजिक संवेदनशीलता नहीं दिखाती हैं तो जिले के अलावे सम्पूर्ण प्रदेश भर के प्राइवेट स्कूलों के समक्ष विकट स्थिति उत्पन्न हो जाएगी।

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