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सोनो : आरोपियों की पत्थरबाजी और फायरिंग से क्षतिग्रस्त हुआ सरकारी वाहन

Sono (News Desk) :- नक्सल प्रभावित चरकापत्थर थाना क्षेत्र के चरैया सुरक्षित वन क्षेत्र में वन्य प्राणियों का शिकार करने व पत्थर के अवैध उत्खनन का विरोध करने पर दबंगों द्वारा वनकर्मियों को मारपीट कर घायल कर देने का मामला प्रकाश में आया है। घटना रविवार देर शाम की बताई जाती है।


चरकापत्थर वन उपपरिसर झाझा वन प्रक्षेत्र जमुई के वनरक्षी अनीश कुमार ने बताया कि बीते 17 मई को गुप्त सूचना मिली कि चरैया सुरक्षित वन क्षेत्र में कुछ स्थानीय व्यक्ति वन्यजीवो का शिकार करने एवं पत्थर के अवैध उत्खनन के उद्देश्य से जमा है। इसके बाद साथी वनरक्षी पंकज कुमार के साथ उक्त स्थान पर गया, तो देखा कि कुछ लोग हथियार से लैस थे व एक ट्रैक्टर पर पत्थर लोड किया जा रहा था। अनीश ने बताया कि इसका विरोध करने पर वेलोग मारपीट व गाली-गलौज पर उतारू हो गए। इसी बीच उन्हीं में से एक व्यक्ति हाथ में तलवार लेकर आया और साथी वनरक्षी पंकज कुमार पर जानलेवा हमला कर दिया। इससे वह बुरी तरह जख्मी हो गया। इसके बाद हम सभी वनकर्मी किसी तरह वहां से निकले और घटना की सूचना वरीय पदाधिकारियों सहित चरकापत्थर थानाध्यक्ष को दी। नाम, पता बताने पर चरकापत्थर थानाध्यक्ष और पुलिस जवानों के साथ रात्रि में अभियुक्तों के घर पहुंचे। जब आरोपी भाइयों चरैया निवासी सुबोध कुमार, चंदन रजक व राहुल रजक को घर से बुलाया गया तो सभी आरोपी पूरे परिवार के साथ मारपीट व गाली-गलौज करने लगे। उन लोगों द्वारा पत्थरबाजी किया जाने लगा। आरोपियों ने अवैध हथियार से फायरिंग भी की, जिससे सरकारी वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। किसी तरह एक आरोपी सुबोध कुमार को हिरासत में लिया गया। शेष दोनों आरोपी रात के अंधेरे का लाभ उठाकर भागने में सफल हो गए। वनरक्षी अनीश ने बताया कि घायल वनरक्षी पंकज कुमार को बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया गया है।
वहीं चरकापत्थर थानाध्यक्ष शंभू शर्मा ने बताया कि मामले की प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। शेष दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।