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गिद्धौर के सेवा पंचायत में डीलर ने गरीबों के खाद्यान्न पर लगाई अनियमितता की मुहर



न्यूज़ डेस्क | अभिषेक कुमार झा】:-

सरकार गरीबों को राशन मुहैया कराने के लिए बड़े-बड़े दावे कर रही है, लेकिन डीलरों की मनमानी गरीबों पर भारी पड़ रही है। यह बानगी है गिद्धौर प्रखंड अंतर्गत सेवा पंचायत का जहां डीलरों की मनमानी चरम पर है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि पीडीएस का संचालन कर रहे डीलर सुरेश रजक मनमाने तरीके से अनाज का वितरण करते हैं, जिससे जन वितरण प्रणाली के उपभोक्ता तिहरे मार झेलने को विवश हैं।
PDS डीलर से त्रस्त सेवा गांव का एक परिवार

यह वाकया सार्वजनिक तब हुआ जब जीविका दीदी द्वारा राशन कार्ड बनाने के लिए फॉर्म भरने का कार्य शुरू हुआ तो उक्त महिला ने भी फॉर्म भरा उसके बाद पता चला कि उनका राशन कार्ड बना हुआ है। इसको लेकर स्थानीय निवासी महिला उपभोक्ता आशा देवी ने बीते कई वर्षों से सरकार से मिलने वाले अनाज को डीलर द्वारा हड़प किये जाने का आरोप लगाया। इस बीच उक्त महिला जब भी डीलर के पास अनाज लेने जाती थी तो उसे राशन कार्ड नही होने का हवाला देकर राशन देने से मना कर दिया जाता था। डीलर के मनमाने रवैये के कारण राशन न मिलने से त्रस्त हुए महिला ने जब वरीय पदाधिकारियों से आवेदन दे शिकायत करने की बात कही तो उन्हें तत्काल अनाज दिया गया। इधर,महिला के अलावे सेवा गांव निवासी गोपाल साह, कासी पासवान, रेखा देवी, बबिता देवी आदि ग्रामीणों ने भी डीलर सुरेश रजक पर आरोप लगाते हुए बताया कि डीलर द्वारा अनाज देने के नाम पर मनमानी ढंग से राशि, व अनाज का मापन लिया जाता है। हालांकि डीलर सुरेश रजक ग्रामीणों के तमाम आरोपों  से अपना पल्ला झाड़ रहे हैं। इधर,
खबर है कि उक्त डीलर शुरुआत से ही पीडीएस के तमाम नियम व शर्तों को धत्ता बताते हुए गरीबों के खाद्यान्न पर अनियमितता का मुहर लगाते आये हैं।
खैर, जो भी हो पर सेवा पञ्चायत के इस मामले ने पूरे गिद्धौर प्रखंड में जनवितरण प्रणाली की व्यवस्था पर एक सवालिया निशान लगा दिया है।