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खैरा : युवा समाजसेवी अपनी कविता से दे रहे चाइनीज समानों का बहिष्कार करने का संदेश

(न्यूज़ डेस्क / शुभम मिश्र):- इन दिनों कोरोना के कहर से लोग अपने घरों में रहकर लाॅकडाउन का पालन कर रहे हैं। वहीं क्षेत्र के विश्वस्त न्यूज़ पोर्टल Gidhaur.com ने अपने लाखों पाठकों को अपने मन की अभिव्यक्ति साझा करने के लिये एक कार्यक्रम चलाया है जिसका नाम है " मन की बात gidhaur.com के साथ " जिसका खासा असर भी पाठकों पर दिख रहा है। लोग अपनी रचनाओं को एक मुकम्मल मंच मिलने के कारण साझा कर रहे हैं।


वहीं बता दें कि Gidhaur.com द्वारा अपने यू ट्यूब चैनल Gidhaurlive पर " गिद्धौर गायनोत्सव " का लाइव परफोर्मेंस का आयोजन 25 मई से किया जा रहा है।जिसमें विभिन्न जगहों के ख्याति प्राप्त गायन कलाकारों द्वारा सुमधुर संगीत पेश किये जायेंगे।वहीं बतादें कि यह मंच उनलोगों के लिये भी है जिनमें गाने की योग्यता तो है पर मुकम्मल मंच न मिलने के कारण वो अपनी क्षमता को प्रदर्शित नहीं कर पा रहे हैं।वहीं बताते चलें कि कोरोना जैसी वैश्विक महामारी जो चीन से सर्वव्यापी हुई है।जबकि चीन द्वारा हमेशा भारत से विवाद होता रहा है।इसको लेकर जिले के खैरा प्रखंडान्तर्गत पूर्णा खैरा गांव के एक युवा समाजसेवी सौरभ सिंह राणा अपनी कविता के माध्यम से देशवासियों को चाइनीज समानों का बहिष्कार करने का संदेश दे रहे हैं ।

-: वक्त का पहिया कुछ यूं ही थम जायेगा :-

किसी ने सोंचा नहीं था कि एक दिन ऐसा आयेगा,
वक्त का पहिया कुछ यूं ही थम जायेगा ।

भागते-बदलते इस अमन के चमन में ,
कोरोना इस क़दर कहर बरपायेगा ।

इंसान मर रहे हैं अपनी गलतियों की वज़ह से ,
क्या इसे जानकर भी वो ख़ुद को संभाल पायेगा..?

ये कोरोना चाइनीज मेहमान है ,
जिसके आने से पूरा विश्व परेशान है ।

इसका आना भी हमें कुछ सिखला गया ,
चाइनीज समानों से परहेज़ करना,बतला गया ।

कल जब सब कुछ पहले जैसा हो जायेगा,
इंसान कहीं फिर से वही गलती दोहरायेगा ।

आज चाइनीज वायरस कोरोना है,
कल कुछ और नया आयेगा ।

मौत का मंज़र देखते-देखते ,
इंसान जीवन से हाथ मलता चला जायेगा ।

फ़िर यही बात दोहरायेगा ,
वक्त का पहिया कुछ यूं ही थम जायेगा।


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