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सोनो : पंचायतों में नहीं होंगे क्वॉरेंटाइन सेंटर, नोडल पदाधिकारियों को निर्देश

सोनो [किशोर कुणाल] :- पंचायतों में प्रवासी श्रमिकों कामगारों के लिए क्वॉरेंटाइन सेंटर नहीं होंगे। पंचायतस्तरीय क्वॉरेंटाइन सेंटर के वैसे श्रमिक जो दिल्ली, एनसीआर( फरीदाबाद, गुड़गांव, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद सहित) महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, चेन्नई, कोलकाता से आए हैं,उन्हें प्रखंडस्तरीय क्वॉरेंटाइन सेंटर में रखा जाएगा। अंचलाधिकारी अनिल कुमार चौबे ने पंचायतस्तरीय क्वारेंटाइन सेंटर के नोडल पदाधिकारियों को बैठक के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उपरोक्त प्रदेशों के अतिरिक्त सभी राज्यों से आए प्रवासियों को 14 दिनों के लिए होम क्वॉरेंटाइन में रखा जाएगा। होम क्वॉरेंटाइन में जाने वाले प्रवासियों का भी रजिस्ट्रेशन प्रखंडस्तरीय रजिस्ट्रेशन कैंप में होगा। साथ ही मेडिकल टीम द्वारा इनकी समय-समय पर जांच होगी। होम क्वॉरेंटाइन में रह रहे पंजीकृत अनुशासित प्रवासियों को भी बिहार श्रमिक निष्क्रमण योजना के तहत एक हजार रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। ऐसे श्रमिकों को डिग्निटी किट नहीं मिलेगा। उन्होंने बताया कि प्रखंड के कुछ पंचायतों में पूर्व से ही पंचायतस्तरीय क्वॉरेंटाइन सेंटर संचालित था। वहां आवश्यक सामग्री भी उपलब्ध करवा दी गई थी। इसलिए ऐसे सेंटर क्वॉरेंटाइन अवधि तक काम करेंगे और सिर्फ रेड जोन (समूह ए) के राज्यों से आने वाले प्रवासी यहां रहेंगे। मौके पर    प्रखंड साधनसेवी डॉ राजेश कुमार सिंह, बीआरपी राजेश कुमार गुप्ता सहित पंचायत स्तरीय क्वॉरेंटाइन सेंटर के नोडल पदाधिकारी उपस्थित थे।