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सिमुलतला : खुले आम हो रही है अवैध पशु तस्करी, प्रशासन बना तमाशबीन

सिमुलतला (गणेश कुमार सिंह) :-  पशु तस्करों के लिए इन दिनों सिमुलतला  सेफ जोन रूट बना हुआ है। सप्ताह के दो दिन इस रूट से छोटे-बड़े वाहनों से पशुओं की तस्करी खुलेआम हो रही है। खासकर सोमवार एवं मंगलवार के दिन - रात करीब आधा दर्जन से अधिक गाड़ियों में पशुओं को लादकर ले जाया जाता है।
वाहन पर लदा पशु
इस रास्ते पशुओं को अंतरप्रांतीय हाट बजारों तक पहुंचाया जाता है। पशु तस्करी रोकने के लिए सरकारी उपाय यहां पूरी तरह से निष्प्रभावी है। यह धंधा यहां बेपरवाह तरीके से मजे से फलता फूलता रहा है। इस धंधे पर रोकथाम के सारे उपाय कानूनी किताबों में ही धूल फांक रहे हैं। वाहनों से पार करने में बड़े ट्रक के अलावा छोटे पिकअप का उपयोग पशु तस्कर करते हैं। ये सिमुलतला थाना के रास्ते बांका जिले के चांदन थाना में प्रवेश कर झारखंड राज्य के देवघर के मोहनपुर हाट में पशु को पहुंचा दिया जाता है। जानकारी के अनुसार जमुई, लक्खीसराय एवं नवादा जिले के ग्रामीण किसानों से सस्ते दामो पर पशु तस्कर पशुओ को एकत्रित करते है, फिर अवैध तरीके से पशुओ को वाहनों में लादकर सिमुलतला थाना गेट के रास्ते बांका जिला के चांदन थाना होते हुए झारखंड राज्य में प्रवेश कर जाते है, जो देवघर के मोहनपुर पशु हाट तक ले जाता है।
STL थाना से गुजरती पशु लदी वाहन
 मोहनपुर हाट में बड़े व्यपारियो के हाथ  पशुओ की खरीद बिक्री कर उसे बड़े वाहनो में लोडकर कोलकाता के कसाईखानों तक पहुंचाया जाता है,साथ ही कुछ वाहनो को पश्चिम बंगाल के बंगलादेश एवं भारत की सीमा तक ले जाया जाता है। जहां ब्रह्मपुत्रा नदी में अवैध तरीके से पार कर बंगलादेश की कसाईखानों तक पहुंचा दिया जाता है। सूत्रों की माने तो प्रति गाड़ी एक हजार  से डेढ़ हजार रुपये  मार्ग में पड़ने वाले थानों को देकर पशु तस्कर द्वारा गाड़ी को पार कराया जाता है।