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गिद्धौर : रजनबान्ध के ग्रामीण सड़क मार्ग से हैं वंचित, मापी के आस में बीत गए 2 वर्ष

News Desk | Abhishek Kumar Jha】 :-गिद्धौर प्रखण्ड क्षेत्र के केतरू नवादा गांव के ग्रामीण सड़क मार्ग से जुड़ने का मामला आज तक विवादों में उलझा हुआ है। परिणामतः सैंकड़ों की आबादी में रजनबांध पर रहने वाले ग्रामीण सड़क मार्ग से वंचित व सरकारी अधिकारियों के कार्यशैली से उपेक्षित हैं।
वर्ष 2017 में ही तत्कालीन झाझा के अंचलाधिकारी पर सड़क की गैरमजरूआ जमीन को मापी नहीं कराने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने संयुक्त रूप से लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी जमुई से  लिखित शिकायत देकर इसके समाधान को लेकर गुहार लगाई थी।
सड़क से बांधपर  जाने के लिए ग्रामीणों  को तकरीबन 500 फ़ीट की दूरी पर ही वाहन खड़ी करने तथा लोगों की आबादी सड़क मार्ग से जुड़ने को वंचित रह जाने की बात का जिक्र आवेदन में किया गया था।
 ग्रामीण बताते हैं कि इनका आधा क्षेत्र झाझा प्रखंड तथा आधा गिद्धौर प्रखण्ड क्षेत्र में पड़ता है। गिद्धौर क्षेत्र की जमीन गैरमजरूआ के रूप में नापी हो चुकी है पर झाझा क्षेत्र में पड़ने वाले गैरमजरूआ जमीन गोविंदपुर मौजा में पड़ता है, जो झाझा सीओ के कार्यक्षेत्रान्तर्गत आता है।
बता दें, 15 दिसम्बर 2017 को विभागीय पत्रांक 759 के प्रसंग में अचंल आमीन जनार्धन पासवान ने जमीन मापी का प्रतिवेदन झाझा अंचल अधिकरी को सौंपा था, जिसमे उन्होंने जमीन को अतिक्रमण मुक्त बताते हुए विभागीय स्तर पर अग्रेतर कार्रवाई की बात कही थी। वहीं अब तक तकरीबन ढाई वर्ष बीत जाने के बाद भी ग्रामीणों को सड़क मयस्सर न हो सकने से वे आक्रोशित हैं। ग्रामीणों ने  गैरमजरूआ जमीन को चिन्हित कर  आवागमन सुलभ करवाने की मांग की है।
आवेदन में किशोर कुमार सिंह, अजय कुमार सिंह,किशोर कुमार, नीतू चौहान, सुमित कुमार सिंह, सावित्री देवी, बबन सिंह सहित दर्जनों ग्रामीणों के हस्ताक्षर अंकित हैं।