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मंगलवार, 31 दिसंबर 2019

गिद्धौर : शौचालय बना पर राशि का नहीं हुआ भुगतान, बन्द ऑफिस का चक्कर काट रहे हैं लाभुक



【न्यूज़ डेस्क | अभिषेक कुमार झा】 :-

स्वच्छ भारत अभियान के तहत ग्राम पंचायतों को खुले में शौच से मुक्त करने के लिए  घर-घर शौचालय बनवाए जा रहे हैं, लेकिन ग्रामीणों को शौचालय निर्माण के बाद भी अनुदान की राशि नसीब नहीं हो रही।


ताजा उदाहरण गिद्धौर प्रखंड  क्षेत्र का है जहां प्रखंड कोऑर्डिनेटर की लापरवाही के कारण सैकड़ों लाभुक शौचालय अनुदान राशि से वंचित है। परिणामतः इस कंपकपाती ठंड में प्रखंड क्षेत्र के 8 पंचायत से दर्जनों ग्रामीण रोजाना शौचालय निर्माण राशि के भुगतान के लिए प्रखंड कार्यालय में शौचालय ऑफिस का चक्कर काट रहे हैं।

कहते हैं ग्रामीण

शौचालय ऑफिस का चक्कर  लगा रहे दर्जनों ग्रामीणों ने नाम न छापने के शर्त पर बताया कि कार्यालय पहुँचने पर शौचालय के प्रखंड समन्वयक मनीष से भेंट नहीं होती, कार्यालय भी बंद रहते है। उन्होंने बताया कि शौचालय निर्माण के बाद भी अनुदान की राशि बैंक खाते में हस्तांतरित नहीं हो पाई। प्रखंड समन्वयक मनीष की लापरवाही हम ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बन रही है।

 प्रमुख ने जाहिर की प्रतिक्रिया

इस बाबत अपनी प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए प्रखण्ड प्रमुख शम्भू केशरी ने बाताया कि आवेदक भी शौचालय समन्वयक से उपेक्षित हैं। शौचालय राशि भुगतान में अनियमितता को लेकर डीएम व डीडीसी को लिखित आवेदन देकर ध्यानाकृष्ट किया जा चुका है। बावजूद इसके किसी भी प्रकार की कार्रवाई सामने नहीं आ रही।


- बोले प्रखंड समन्वयक -

इस बाबत पूछे जाने पर शौचालय प्रखण्ड कॉर्डिनेटर मनीष बताते हैं कि उन्हें गिद्धौर के साथ साथ झाझा प्रखंड के भी दायित्व सौंपा गया है। अनुदान राशि की पात्रता रखने वाले लाभुकों का भुगतान विभागीय नियमानुसार सभी प्रक्रियाओं को पूरा करते हुए किया जाएगा।


हालांकि, आवेदन जमा करने के पंद्रह दिनों के अंदर शौचालय अनुदान की राशि लाभार्थी के खाते में भेजने का आदेश विभागीय स्तर पर दिया जा चूका है। बावजूद इसके अनुदान राशि भुगतान में लेट लतीफी विभागीय नियमों पर एक बड़ा प्रश्न चिन्ह लगा रही है।

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