पटना [अनूप नारायण] :
औरंगाबाद के मटपा में नवनिर्मित सूर्य मंदिर परिसर में शासन-प्रशासन के द्वारा एक धर्म विशेष के लोगों को कब्रिस्तान के लिए जगह आवंटित करने के लिए दबाव बनाए जाने का मामला अब तूल पकड़ने लगा है। अंतर्राष्ट्रीय हिंदू महासभा बिहार के उपाध्यक्ष डॉ. विजय राज सिंह ने गुरुवार को राजधानी पटना में एक प्रेस वार्ता का आयोजन कर शासन प्रशासन पर आरोप लगाया कि जानबूझकर मंदिर परिसर की भूमि प्रशासन एक धर्म विशेष के लोगों को देना चाहता है, जबकि वह जमीन मंदिर प्रबंधन की है।
औरंगाबाद के मटपा में नवनिर्मित सूर्य मंदिर परिसर में शासन-प्रशासन के द्वारा एक धर्म विशेष के लोगों को कब्रिस्तान के लिए जगह आवंटित करने के लिए दबाव बनाए जाने का मामला अब तूल पकड़ने लगा है। अंतर्राष्ट्रीय हिंदू महासभा बिहार के उपाध्यक्ष डॉ. विजय राज सिंह ने गुरुवार को राजधानी पटना में एक प्रेस वार्ता का आयोजन कर शासन प्रशासन पर आरोप लगाया कि जानबूझकर मंदिर परिसर की भूमि प्रशासन एक धर्म विशेष के लोगों को देना चाहता है, जबकि वह जमीन मंदिर प्रबंधन की है।
उन्होंने बताया कि देश धर्मनिरपेक्ष और सभी धर्मों के लोगों को अपने-अपने धर्म को मानने की आजादी है। वह मंदिर भजन-आस्था का प्रतीक है। जहां पर मंदिर परिसर में हजारों प्रकार के औषधीय पौधे लगाए गए हैं। यह मंदिर पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है। मंदिर परिसर के बाहरी इलाके में दूसरी तरफ एक छोटा सा कब्रिस्तान है, जिससे मंदिर को कोई लेना-देना नहीं है। लेकिन अब प्रशासन चाहता है कि उस कब्रिस्तान की भूमि को मंदिर परिसर तक विस्तारित कर कुछ जमीन जो कि मंदिर प्रबंध समिति की है, उसे जोर जबरदस्ती से आवंटित करा ली जाए।
जिसको लेकर स्थानीय लोग आक्रोशित हैं तथा इसके विरोध में जन आंदोलन शुरू हो गया है।
उन्होंने आगाह किया कि अगर किसी की धार्मिक स्वतंत्रता पर कुठाराघात किया गया तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। हमारा न्यायालय में विश्वास है। हम लोग शासन प्रशासन को सहयोग देते हैं और हम आशा करते हैं कि हमारी धार्मिक आजादी पर कुठाराघात नहीं किया जाए।