मौरा : श्रमदान से किसान कर रहे हैं पुआरी पैइन का निर्माण, खेतों तक पानी पहुंचाने का है लक्ष्य - gidhaur.com : Gidhaur - गिद्धौर - Gidhaur News - Bihar - Jamui - जमुई - Jamui Samachar - जमुई समाचार

Breaking

Responsive Advertisement

Responsive Advertisement

Responsive Advertisement

रविवार, 25 अगस्त 2019

मौरा : श्रमदान से किसान कर रहे हैं पुआरी पैइन का निर्माण, खेतों तक पानी पहुंचाने का है लक्ष्य


[मौरा (गिद्धौर) | अजीत कुमार झा] Edited by- Abhishek.:-

एक तरफ जहां मौजूदा सरकार सिंचाई को लेकर बड़े-बड़े वादे कर रही है वहीं दूसरी ओर गिद्धौर प्रखंड अंतर्गत मौरा पंचायत के कृषक अपने खेतों तक पानी ले जाने के लिए इन दिनो श्रमदान कर नहर का निर्माण कर रहे हैं। 


इन किसानों की मानें तो धान की बेहतर पैदावार करने के लिए पानी की कमी होने के कारण पुआरी पैईन का सहारा लिया जा रहा है। विभागीय उदासीनता के कारण इन किसानों के खेत पूरी तरह से सूख चुके थे।  अन्तः हारकर किसानों ने श्रमदान व आपस मे आर्थिक सहयोग राशि एकत्रित करते हुए पुआरी पैईन की खुदाई शुरू कर दी।
हालांकि इस श्रमदान से अपेक्षित धान की पैदावार होना संभव नहीं दिख रहा फिर भी  ग्रामीणों के द्वारा भरसक प्रयास किया जा रहा कि किसी तरह धान को बचाया जा सके।  इसके लिए ग्रामीणों ने प्रति कट्ठे के हिसाब से आर्थिक सहयोग राशि एकत्रित कर इस दिशा में अपना कदम बढ़ाया।


इस मौके पर उपस्थित कृषक  गिरीश झा, जीवलाल यादव , सचित रावत , सुनील झा, गोपाल झा ने विभाग के प्रति असंतोष जाहिर करते हुए बताया कि अगर समय रहते इस पैईन की खुदाई कर दी जाती तो हम सभी किसानों को ऐसा करने नौबत नहीं आती।
किसानों ने बताया कि पैइन के पक्कीकरण निर्माण का कार्य विगत कुछ दिन पहले मनरेगा के तहत से ही किया गया था पर इसके लिए राशि के अपर्याप्त होने के कारण ये संभव नही हो सका। लिहाजा मौरा पंचायत के किसानों का लाइफलाइन कहे जाने वाला ये पैइन मृत सा पड़ा हुआ था।


इस संदर्भ में मौरा पंचायत के मुखिया कांता प्र. सिंह ने बताया कि ग्रामीण किसानों के सामूहिक प्रयास से इस पैइन को पुनर्जीवित करने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे किसानों को फसल की बेहतर पैदावार संभव हो सके।

Input सहयोगी - [धनंजय कुमार 'आमोद']

Responsive Advertisement