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गड़बड़झाला : एक ही क्रमांक पर दो अभ्यार्थियों का नियोजन, मामले ने पकड़ा तूल


(gidhaur.com | न्यूज़ नेटवर्क) :-

एक और जहां मौजूदा सरकार भ्रष्टाचार के नाम पर जीरो टॉलरेंस की बात कर रही है, वहीं दूसरी ओर शेखपुरा नियोजन इकाई द्वारा नियोजन प्रक्रिया में जमुई जिले की एक अभ्यर्थी के साथ हुए नियोजन प्रक्रिया में बड़ी धांधली उजागर हो रही है।


जिला परिषद माध्यमिक शिक्षक नियोजन शेखपुरा में सामाजिक विज्ञान विषय में नियोजन के लिए जमुई जिले के गिद्धौर प्रखंड से पहुंची अभ्यर्थी अर्चना कुमारी ने बताया कि शेखपुरा नियोजन इकाई द्वारा जारी सूची के महिला कोटि में उनका नाम प्रथम में ही अंकित है।विगत 21 जून को उनकी काउंसलिंग भी हो चुकी है। विभागीय आदेश पर 28 जून को उन्हें मूल प्रमाण पत्रों के साथ बुलाया भी गया परंतु अभियुक्ति में एक क्रमांक पर 2 अभ्यर्थी होने की बात बता अर्चना कुमारी को उपस्थिति पंजी पर हस्ताक्षर भी नहीं करने दिया गया।  महिला अभ्यर्थी द्वारा बार-बार साक्ष्य प्रस्तुत करने के उपरांत भी नियोजन इकाई के कर्मचारियों द्वारा टालमटोल की गई एवं अपमानित कर बाहर निकाल दिया गया। इसकी शिकायत जब महिला अभ्यर्थी ने डीडीसी एवं अन्य सभी नियोजन इकाई के पदाधिकारियों से मुलाकात कर की तो उन्होंने टालमटोल का रास्ता अपनाया। 


इस दौरान पीड़ित अभ्यर्थी महिला अर्चना कुमारी  द्वारा बार-बार सत्यता की जांच करवाने का अनुरोध किए जाने पर भी किसी पदाधिकारी के कान पर जूं तक न रेंगा। इन तमाम बातों से नियोजन इकाई के कार्य पर शेखपुरा के अलावे अब स्थानीय लोग भी प्रश्न उठाने लगे हैं।
महिला अभ्यर्थी द्वारा शेखपुरा नियोजन अंतर्गत अनियमितता के संबंध में दिनांक 29 /06/2019 को स्पीड पोस्ट द्वारा माननीय शिक्षा मंत्री, प्रधान सचिव, उप सचिव शिक्षा विभाग,  निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, एवं अन्य अफसरों को लिखित सूचना देकर सत्यता की जांच करवाने का अनुरोध लिखित रूप में कर चुकी है।
बताया जाता है कि नियोजन नियमावली को ताक पर रख नियोजन कर्मचारी मनमाने तरीके से अपने मनचाहे अभ्यर्थी का नियोजन कर रहे हैं। पीड़ित अभ्यर्थी अर्चना कुमारी द्वारा पंचम चरण अंतर्गत नियोजन प्रक्रिया में जमुई के अलावे बांका, लहरी सराय, समस्तीपुर सीतामढ़ी पर काउंसलिंग कराई गई परंतु अभियुक्ति ऐसी कोई बात नहीं आई।

अभ्यर्थी अर्चना कुमारी का स्पष्ट कहना है कि अगर शेखपुरा में उनकी दावेदारी गलत पाई गई तो वो उचित कानूनी कार्रवाई के लिए तैयार है, और यदि ये सही पाई गई तो इनका नियोजन सुनिश्चित हो।
ताकि इस मामले को लेकर अन्य अभ्यर्थियों के मन में भी नियोजन प्रक्रिया एवं नियोजन इकाई के क्रियाकलापों पर संदेह ना हो।