Film Review : ‘दबंग सरकार' : आकांक्षा-खेसारी ने मचाया धमाल, अनूप नारायण ने दिए 5 स्‍टार - gidhaur.com : Gidhaur - गिद्धौर - Gidhaur News - Bihar - Jamui - जमुई - Jamui Samachar - जमुई समाचार

Breaking

Responsive Advertisement

Responsive Advertisement

Responsive Advertisement

मंगलवार, 4 दिसंबर 2018

Film Review : ‘दबंग सरकार' : आकांक्षा-खेसारी ने मचाया धमाल, अनूप नारायण ने दिए 5 स्‍टार


मनोरंजन (अनूप नारायण) :
सुपरस्‍टार खेसारीलाल यादव, आकांक्षा अवस्‍थी और दीपिका त्रिपाठी की फिल्‍म ‘दबंग सरकार’ ने आज सिनेमाघरों में दस्‍तक दे दी है। फिल्‍म को दर्शकों का भी खूब रेस्‍पांस मिल रहा है। फिल्‍म को योगेश राज मिश्रा ने निर्देशित किया और इसकी कहानी मनोज पांडेय ने लिखी है। योगेश मिश्रा ने फिल्‍म ‘दबंग सरकार’ को जिस स्‍कैल पर बनाया है, वह किसी बॉलीवुड फिल्‍म से कम नहीं है। फिल्‍म को लेकर उनके दावे सही साबित होते नजर आ रहे हैं। दर्शकों ने इसे 5 स्‍टार पहले ही दिन दिए हैं। 

फिल्‍म की कहानी की एक गांव से शुरू होती है, जहां वीर प्रताप सिंह वीरू (खेसारीलाल यादव) का साधारण सा परिवार है। उनके पिता एक दवा फैक्‍ट्री में वर्कर हैं। लेकिन फक्‍ट्री की गलतियों से उस गांव में कुछ बच्‍चों की मौत हो जाती है। इसके बाद उनके पिता को इसका कारण पता चल जाता है, तब फैक्‍ट्री वाले उसकी हत्‍या कर देते हैं और इस घटना के लिए उनके पिता पर इल्‍जाम लगा देते हैं। इससे पूरा गांव खेसारीलाल यादव के खिलाफ हो जाता है। इससे खेसारीलाल यादव पर दुखों का पहाड़ टूटता है। मगर इस विषम परिस्थिति में भी वे पूरी सकारात्‍मकता के साथ आगे बढ़ते हैं और पुलिस इंस्‍पेक्‍टर बन अपने पिता की मौत का बदला लेते हैं।


फिल्‍म में दो – दो अभिनेत्री हैं। कुसुम (अकांक्षा अवस्‍थी) गांव की शांत स्‍वभाव की लड़की है और गांव के स्‍कूल में पढ़ाती है। खेसारीलाल यादव को उससे बेपनाह प्‍यार है। वहीं, दूसरी ओर परी (दीपिका त्रिपाठी) विलेन की बहन है, जिसका फिल्‍म में निगेटिव शेड देखने को मिलता है। वह खेसारीलाल यादव की डेयरिंग से इंस्‍पायर्ड होती है और प्‍यार करती है।

कुल मिलाकर देखा जाये तो फिल्‍म की कहानी दर्शकों के लिए को आकर्षित कर रही है। मनोज पांडेय ने फिल्‍म की पटकथा का तानाबाना बेहतरीन ढंग से बुना है, जो दर्शकों को बोर नहीं करती। नई कहानी, स्‍ट्रांग मैसेज, खूबसूरत गाने, नई तकनीक के साथ फिल्‍म का सुलझा प्रजेंटेशन फिल्‍म को बॉलीवुड की फिल्‍म की तरह बनाता है, जिसे  पहले दिनों दर्शकों ने खूब सराहा है।

Responsive Advertisement