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पटना (अनूप नारायण) : धीरज कुमार की सस्‍पेंस ड्रामा‍ फिल्‍म ‘काशी : इन सर्च ऑफ गंगा’ को प्रमोट करने पटना आये चर्चित अभिनेता शरमन जोशी ने कहा कि यह फिल्‍म मैजिकली कमाल की बनी है। फिल्‍म का स्क्रिप्‍ट काफी बाढि़या है, जिसे हमलोग पर्दे पर उतारने में सफल रहे हैं। पटना के होटल पनाश में आयोजित संवाददाता सम्‍मेलन में पत्रकारों से रूबरू होते हुए शरमन ने कहा कि फिल्‍म पूरी कमर्सियल है और बेहतरीन है। गंगा की खोज इस फिल्‍म का खास पहलू है। इसके साथ – साथ बहुत कुछ फिल्‍म में घूमती है। यह पूरी तरह से एक ड्रामा थ्रिलर फिल्‍म है, जिसका इंड बेहतरीन लॉजिक के साथ सरप्राइज और शॉकिंग है। क्‍योंकि फिल्‍म का लास्‍ट 20 मिनट काफी अहम होता है, मगर इस फिल्‍म में सारी चीजें लॉजिकली है। शरमन ने कहा कि उन्‍हें पटना आकर बेहद अच्‍छा लगा। यह फिल्‍म बिहार के लोगों से कनेक्‍ट करेगी।

उन्‍होंने फिल्‍म के नाम को लेकर कहा कि ‘काशी : इन सर्च ऑफ गंगा’ थोड़ा ऑफ बीट सी फिल्‍म का फील देता है। मेरे फ्रेंडस और फैमली ने कहते थे कि ऑफ बीट फिल्‍म लगती है। लेकिन जब ट्रेलर आई तब उन्‍हें यकीन आया कि फिलम कॉमर्सियल है। धीरज से काम करने की बात पर शरमन ने कहा कि मेरा बांडिंग नये डायरेक्‍टर – रायटर से स्क्रिप्‍ट के जरिये होता है। मुझे स्क्रिप्ट इतनी अच्‍छी लगी कि मैं इससे इंस्‍पायर्ड हुआ। मुझे लगा कि जब कहानी ऐसी ला रहे हैं, जिससे मैं भी इंस्‍पायर्ड हो रहा हूं तो मैंटली कहीं न कहीं एक ही प्‍लेन पर हैं। हमलोग लकी रहे कि फिल्‍म के दौरान मनीष किशोर (रायटर) और धीरज कुमार (डायरेक्‍टर) से हमारी दोस्‍ती भी हो गई। खूबसूरत अनुभव रहा था फिल्‍म के दौरान। शरमन ने कहा कि आप कहां से आते हो, ये जरूरी नहीं है। जरूर टाइलेंट और लगन है।

प्रेस कांफ्रेंस में फिल्‍म के डायरेक्‍टर धीरज कुमार ने कहा कि एक छोटे शहर से आने के बावजूद भी हमने एक बेहतरीन फिल्‍म बनाई है, इसमें शरमन जोशी का काफी योगदान रहा है। क्‍योंकि मुंबई में स्‍ट्रगल के दौरान नये लोगों को इस लेवल पर फिल्‍म बनाने में काफी परेशानी होती है। मेरे साथ भी हुई। पहले मैं भोजपुरी फिल्‍में कर चुका था। कुछ ये वजह भी थी कि बड़े स्‍टार और प्रोड्यूसर के साथ हमारी बात नहीं बन पा रही थी। मैंने अपने स्क्रिप्‍ट के दम पर बिहार के भी कुछ दिग्‍गज लोगों को अप्रोच किया, जो बॉलीवुड में हैं। मगर उन्‍होंने मेरे नए होने की वजह से कोई दिलचस्‍पी नहीं ली। बाद में मैं शरमन जोशी के पास गया। उन्‍होंने मेरी स्क्रिप्‍ट पढ़ी। अगले दिन बुलाकर नैरेशन लिया और फिल्‍म के लिए हां कर दी। फिर हमने अपने दोस्‍तों विनीत, निशांत के साथ मिलकर फिल्‍म बनाई। और आज यह रिलीज को तैयार है। मैं भी पटना से आता हूं तो मेरी अपील होगी अपने शहर के लोगों से कि वे फिल्‍म को जरूर देखें।

फिल्‍म में लीड रोल में नजर आई ऐश्‍वर्या देवन ने भी फिल्‍म के साथ – साथ शरमन जोशी और धीरज कुमार के साथ काम करने का अनुभव साझा किया। ऐश्‍वर्या ने कहा कि मैंने सोचा नहीं था कि मुझे इतने बेहतरीन एक्‍टर के साथ काम करने का मौका मिलेगा। सबों को मेरा काम पसंद आया। ये मेरे डायरेक्‍टर, रायट और को-स्‍टार लोगों ने मेरे काम को एप्रीसियेट किया। धीरज कुमार ने मुझे सेट पर कंफर्टेबल फील कराया। यह मेरी पहली हिंदी फिल्‍म है। डबिंग के वक्‍त थोड़ी परेशानी हुई, मगर सबों ने मेरा सपोर्ट किया। शरमन जोशी के साथ मेरा लर्निंग एक्‍सपीरीयंस रहा। जिस तरह से वो एक्टिंग करते हैं, वो सीखने लायक है। वहीं, संवाददाता सम्‍मेलन की ओर से शरमन जोशी और ऐश्‍वर्या देवन के द्वारा सात महिलाओं के बीच सिलाई मशीन वितरित किया गया। संवाददाता सम्‍मेलन में फिल्‍म के प्रोड्यूसर विनीत सिंह, निशांत दयाल, मनीष किशोर, डेब्‍यूडंट मेहुल राणा आदि उपस्थित रहे।