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गिद्धौर के गंगरा एवं मौरा पंचायत पहुंचे MLA रविन्द्र यादव, जनसमस्याओं से हुए अवगत

 (न्यूज़ डेस्क | अभिषेक कुमार झा/धनन्जय कु.आमोद) :-

चुनाव का मौसम सामने आते ही नेता अपने क्षेत्र में सक्रिय होने लगे हैं। गुरुवार को झाझा विधायक डॉ. रविन्द्र यादव क्षेत्र भ्रमण करते हुए गिद्धौर प्रखण्ड के गंगरा एवं मौरा पंचायत पहुँचकर जन समस्याओं का जायजा लिया। इस दौरान गिद्धौर प्रखण्ड के मौरा पंचायत में ग्रामीण चौपाल में भाग लेकर सरकार के द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी भी ग्रामीणों को दी गई। चौपाल में मौजूद ग्रामीणों ने बारी बारी से अपनी बात विधायक से रखी। जिस पर विधायक रविन्द्र यादव ने प्रखण्ड विकास पदाधिकारी को त्वरित कार्यवाही करने को कहा। साथ ही ग्रामीणों को विश्वास दिलाया कि एक सप्ताह के भीतर शौचालय प्रोत्साहन राशि भुगतान किया जाएगा। इस दौरान शौचालय भुगतान हेतु लगभग 110  लोगों ने आवेदन दिया। 


वहीं कुछ ग्रामीणों ने शौचालय का प्रोत्साहन राशि भुगतान नही होने के पीछे शौचालय कॉर्र्डिनेटर पर गंभीर आरोप भी लगाया। ग्रामीणों ने पीएम आवास योजना में गड़बड़ी को लेकर भी विधायक का ध्यानाकृष्ट किया। विधायक से ग्रामीणों ने के जुट होकर वृद्धा पेंशन न मिलने की भी शिकायत की। पूछे जाने पर ग्रामीणों ने कृषि विभाग पर भी नाराजगी व्यक्त की। इस दौरान विधायक ने मध्य विद्यायल मौरा के शैक्षणिक गतिविधि की भी जानकारी प्राप्त की। विधायक ने कहा कि शौचालय समेत अन्य सरकारी योजनाओं में लूट मचाने वालों को चिन्हित कर कार्रवाई की जाएगी। इसको लेकर अगले दिन रैली निकलने की भी बात उन्होंने कही।


वहीं ग्रामीणों ने गंगरा बड़की पैईन, छोटकी पैईन का प्राकलन राशि बढ़ाने एव पक्कीकरण हेतु माननीय विधायक से मांग की। इसके अलावे मौरा में सिचाईं हेतु पैईन पक्कीकरण, बाबा स्थान में लाइट सहित अन्य अतिआवश्यकताओं की मांग को रखा गया। लोगों की समस्याओं से रूबरू होने पर उन्होने यथासम्भव उसे सुलझाने का अस्वाशन दिया। 

विधायक ने गिद्धौर के बीडीओ के कार्यशैली की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। साथ ही ट्रेनी बीडीओ भारती राज के बुलन्द हौसलों को भी सराहा।


इस मौके पर मौजूद भाजपा मंडल अध्यक्ष कल्याण सिंह, कुणाल सिंह, मौरा के भोला झा, गिरीश झा, दिगम्बर झा, रोहित झा, डॉ. पंकज झा सहित कई अन्य पंचायत प्रतिनिधि मौजूद थे।हालांकि, विधायक द्वारा लगाये गए इस चौपाल से ग्रामीण संतोषजनक नहीं दिखे, ग्रामीणों की उपस्थिति भी अपेक्षायुक्त नहीं थी।