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पगडंडी जमुई मंच की हुई स्थापना, अब गाँव-गाँव तक पहुंचेगी जमुई की सांस्कृतिक, साहित्यिक एवं बौद्धिक पहचान

>> समग्र भारत संस्था के अधीन पगडण्डी प्रकल्प की परिकल्पना की गई है...

न्यूज़ डेस्क | अभिषेक कुमार झा】:-

जमुई जिला सदियों से सांस्कृतिक ,साहित्यिक गतिविधियों का केंद्र रहा है। राजतन्त्र के साये में भी जमुई की सांस्कृतिक एवं साहित्यिक विरासत अक्षुण्ण रही है। इसकी पहचान को प्रतिष्ठित करने के लिए समग्र भारत संस्था के अधीन पगडण्डी प्रकल्प की परिकल्पना की गयी है।


समग्र भारत संस्था के अंतर्गत पगडण्डी नामक प्रकल्प जमुई जिला के हरेक गांव में साहित्य को संस्कृति से जोड़ने, इसे गांव गांव तक पहुंचाने के लिए संस्था को पुनर्गठित किया गया जिसमें सर्वसम्मति से स्थानीय साहित्य सेवियों, रूचि संपन्न युवा लेखकों की एक समिति बनाई गयी है। इस समिति के मार्गदर्शक मंडल में गिरिजानंदन मणि, ज्योतीन्द्र मिश्र एवं संदीप कुमार आचार्य को सम्मिलित किया गया है। अजीत कुमार सिंह को प्रबंधन का दायित्व दिया गया है। वहीं डॉ.रविश कुमार सिंह को अध्यक्ष, संजय कुमार सिंह को उपाध्यक्ष, अरुण कुमार आर्य को सचिव, कृष्णदेव पाण्डेय को संयुक्त सचिव, रोहित कुमार को प्रवक्ता, एवं सुशान्त साईं सुन्दरम को संगठन सचिव के रूप में जिम्मेदारी दी गयी है। इनके अलावे सदस्य के रूप में सुनील कुमार मिश्र, पुरुषोत्तम कुमार सिंह, चुनचुन कुमार, मनीष नंदन, ब्रजेश भारती को नामित किया गया है।

बता दें, सांस्कृतिक,साहित्यिक नव चेतना एवम् जन जागरण के विरासत को सजीव रखने के लिए भारत समग्र संस्था पिछले 10 सालों से सक्रिय रही है। संस्था को देश के सुप्रतिष्ठित साहित्यकारों, मनीषियों का आशीर्वाद और सहयोग भी मिलता रहा है। इस प्रकल्प के अंतर्गत जमुई जिले की सांस्कृतिक एवं साहित्यिक पहचान को गांव गांव तक पहुँचाया जायेगा।