गिद्धौर/जमुई (Gidhaur/Jamui), 19 अक्टूबर 2026, सोमवार : ऐतिहासिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं के लिए प्रसिद्ध गिद्धौर में शारदीय दुर्गा पूजा एवं लक्ष्मी पूजा मेले का सोमवार की देर शाम विधिवत शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर बिहार सरकार के परिवहन मंत्री दामोदर रावत, बिहार सरकार की खेल एवं उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह तथा पतसंडा पंचायत की मुखिया सह शारदीय दुर्गा पूजा एवं लक्ष्मी पूजा समिति की अध्यक्ष ललिता देवी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर और फीता काटकर मेले एवं पूजा समिति के प्रधान कार्यालय का उद्घाटन किया।
उद्घाटन समारोह में क्षेत्र की धार्मिक आस्था, गिद्धौर राज की गौरवशाली ऐतिहासिक विरासत और पीढ़ियों से चली आ रही सांस्कृतिक परंपराओं की झलक देखने को मिली। इस दौरान पूजा समिति के पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों की उपस्थिति रही। मेले के शुभारंभ के साथ ही क्षेत्र में उत्सव और उल्लास का माहौल नजर आया।
गिद्धौर की दुर्गा पूजा ऐतिहासिक विरासत और जन-आस्था का प्रतीक : दामोदर रावत
मेले के उद्घाटन के बाद परिवहन मंत्री दामोदर रावत ने अपनी जन्मभूमि पतसंडा (गिद्धौर) से जुड़ी भावनाओं को साझा करते हुए कहा कि अपनी जन्मभूमि में खेल एवं उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह के साथ दुर्गा पूजा के पावन अवसर पर आयोजित मेले का शुभारंभ करना उनके लिए गर्व और आत्मीयता का विषय है।
उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक गिद्धौर राज की गौरवशाली विरासत से जुड़ी यह धरती सदियों से धार्मिक आस्था, समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं और ऐतिहासिक गौरव की साक्षी रही है। यहां मां दुर्गा के प्रति लोगों की अटूट श्रद्धा और विश्वास इस क्षेत्र की विशिष्ट पहचान है।
मंत्री ने कहा कि जिस प्रकार कोलकाता की दुर्गा पूजा अपनी भव्यता और विशिष्ट परंपराओं के लिए देश-दुनिया में विख्यात है, उसी प्रकार पतसंडा (गिद्धौर) की दुर्गा पूजा भी अपनी ऐतिहासिक परंपरा, जन-आस्था और सांस्कृतिक विशिष्टता के कारण विशेष महत्व रखती है। यहां की पूजा केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र की ऐतिहासिक पहचान और सामाजिक जीवन से भी गहराई से जुड़ी हुई है।
उन्होंने कहा कि यह गर्व का विषय है कि गिद्धौर राज की गौरवशाली विरासत और पूर्वजों से प्राप्त परंपराओं को आज भी यहां के ग्रामीण पूरी श्रद्धा, निष्ठा और उत्साह के साथ सहेजकर आगे बढ़ा रहे हैं। स्थानीय लोगों की सहभागिता और सामूहिक प्रयासों से यह परंपरा आज भी जीवंत बनी हुई है।
धार्मिक आयोजन के साथ सामाजिक एकता का भी प्रतीक है मेला
दामोदर रावत ने कहा कि गिद्धौर का यह ऐतिहासिक मेला महज एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि क्षेत्र की ऐतिहासिक धरोहर, सांस्कृतिक चेतना, सामाजिक एकता और पीढ़ियों से चली आ रही परंपराओं का जीवंत प्रतीक है। ऐसे आयोजन लोगों को अपनी जड़ों, सांस्कृतिक मूल्यों और पूर्वजों की विरासत से जोड़ने का काम करते हैं।
उन्होंने मां दुर्गा से प्रार्थना करते हुए कहा कि उनकी कृपा समस्त क्षेत्रवासियों पर बनी रहे तथा सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली का संचार हो। मंत्री ने अपनी जन्मभूमि की समृद्ध विरासत और जन-आस्था से जुड़े रहने को सदैव गर्व एवं आत्मीयता का विषय बताया।
बचपन की यादों में आज भी बसा है गिद्धौर का मेला : श्रेयसी सिंह
उद्घाटन समारोह के दौरान खेल एवं उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह ने गिद्धौर के ऐतिहासिक दुर्गा पूजा मेले से जुड़ी अपनी बचपन की यादें साझा कीं। उन्होंने पुराने दिनों को याद करते हुए बताया कि जब वह छोटी थीं, तब लालकोठी के बाहर तांगा मंगवाया जाता था। वह तांगे पर बैठकर मंदिर में दर्शन करने आती थीं और पूजा-अर्चना करने के बाद मेले में घूमती थीं।
श्रेयसी सिंह ने बताया कि मेले में घूमने के दौरान वह निशाना भी लगाती थीं। उनके इस संस्मरण ने गिद्धौर के मेले से जुड़ी पुरानी परंपराओं और बचपन की यादों को एक बार फिर जीवंत कर दिया।
उनकी बातों से यह भी स्पष्ट हुआ कि गिद्धौर का मेला केवल स्थानीय लोगों के लिए धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि क्षेत्र से जुड़े लोगों की स्मृतियों, पारिवारिक परंपराओं और भावनात्मक जुड़ाव का महत्वपूर्ण हिस्सा है। वर्षों से आयोजित होने वाला यह मेला कई पीढ़ियों को एक सूत्र में जोड़ता आया है।
परंपराओं को आगे बढ़ाने में पूजा समिति की महत्वपूर्ण भूमिका
गिद्धौर के ऐतिहासिक दुर्गा पूजा एवं लक्ष्मी पूजा मेले के सफल आयोजन और परंपराओं के संरक्षण में पूजा समिति की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उद्घाटन समारोह में समिति की अध्यक्ष एवं पतसंडा पंचायत की मुखिया ललिता देवी की उपस्थिति रही। उन्होंने दोनों मंत्रियों के साथ संयुक्त रूप से मेले और प्रधान कार्यालय का उद्घाटन किया।
समिति के पदाधिकारियों एवं कार्यकारिणी सदस्यों की मौजूदगी में आयोजित इस कार्यक्रम ने धार्मिक आयोजन के प्रति स्थानीय लोगों की सक्रियता और सामूहिक सहभागिता को भी रेखांकित किया। गिद्धौर की ऐतिहासिक पहचान से जुड़े इस मेले के माध्यम से स्थानीय संस्कृति, धार्मिक मान्यताओं और सामाजिक सौहार्द की परंपरा को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
समारोह में कई गणमान्य लोग रहे मौजूद
मेले के उद्घाटन समारोह में शारदीय दुर्गा पूजा सह लक्ष्मी पूजा समिति की अध्यक्ष एवं पतसंडा पंचायत की मुखिया ललिता देवी, कार्यकारी अध्यक्ष राजीव कुमार साव उर्फ पिंकू जी, सचिव सुबोध कुमार सिंह उर्फ काजू जी, कोषाध्यक्ष सुबोध कुमार केशरी, उपाध्यक्ष अजीत कुमार उर्फ कारू जी, उप सचिव राजेश कुमार उर्फ पाजो जी एवं प्रभाकर कुमार उर्फ चिंटू जी सहित समिति के अन्य पदाधिकारी और कार्यकारिणी सदस्य उपस्थित रहे।
इसके अलावा गिद्धौर के प्रखंड विकास पदाधिकारी ई. सुनील कुमार, जदयू नेता जयनंदन सिंह, शैलेन्द्र रावत, गुंजन कुमार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने कार्यक्रम में भाग लिया।
आस्था, संस्कृति और विरासत का संगम है गिद्धौर का ऐतिहासिक मेला
गिद्धौर का दुर्गा पूजा एवं लक्ष्मी पूजा मेला क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यहां मां दुर्गा की आराधना के साथ ऐतिहासिक परंपराओं और सामाजिक सहभागिता को भी विशेष महत्व दिया जाता है। मेले के माध्यम से स्थानीय लोगों को एक साथ आने, अपनी सांस्कृतिक विरासत को संजोने और नई पीढ़ी को पुरानी परंपराओं से परिचित कराने का अवसर मिलता है।
सोमवार की देर शाम हुए उद्घाटन समारोह में मंत्रियों द्वारा साझा किए गए विचारों और बचपन की यादों ने गिद्धौर की ऐतिहासिक महत्ता को रेखांकित किया। वहीं, पूजा समिति के पदाधिकारियों और ग्रामीणों की उपस्थिति ने इस आयोजन के प्रति स्थानीय समाज के जुड़ाव को प्रदर्शित किया।
इस प्रकार गिद्धौर में दुर्गा पूजा एवं लक्ष्मी पूजा मेले का शुभारंभ धार्मिक आस्था, ऐतिहासिक गौरव, सांस्कृतिक निरंतरता और सामाजिक एकता की भावना के साथ हुआ।

