- थाना के सामने वाहनों की लंबी कतारों से श्रद्धालु और राहगीर परेशान
- अंधेरे के बीच यातायात व्यवस्था पर उठे सवाल
- जाम में फंसने से कई रेल यात्रियों की छूटी ट्रेन
गिद्धौर/जमुई (Gidhaur/Jamui), 22 अक्टूबर 2026, गुरुवार : गिद्धौर में बुधवार की देर शाम दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान प्रशासनिक और आयोजन समिति की व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए। प्रतिमा विसर्जन के दौरान गिद्धौर थाना के सामने राष्ट्रीय राजमार्ग-333 पर करीब तीन से चार घंटे तक लंबा जाम लगा रहा। वहीं, पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था नहीं होने के कारण सड़क पर अंधेरा पसरा रहा। इससे दुर्गापूजा का दर्शन करने और मेला घूमने आए श्रद्धालुओं के साथ-साथ आम राहगीरों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
थाना के सामने घंटों जाम में फंसे रहे लोग
दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान सड़क पर वाहनों का दबाव बढ़ने से यातायात व्यवस्था बाधित हो गई। गिद्धौर थाना के सामने एनएच-333 पर घंटों तक जाम की स्थिति बनी रही। इस दौरान वाहन चालकों और यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। दुर्गापूजा के अवसर पर उमड़ी भीड़ के बीच यातायात को सुचारु बनाए रखने की चुनौती स्पष्ट रूप से नजर आई।
पर्याप्त रोशनी नहीं होने से बढ़ी परेशानी
जाम के साथ-साथ सड़क पर पर्याप्त रोशनी का इंतजाम नहीं होना भी लोगों की परेशानी का कारण बना। शाम ढलने के बाद अंधेरे के बीच श्रद्धालुओं और राहगीरों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बड़े धार्मिक आयोजन के दौरान प्रकाश व्यवस्था और यातायात प्रबंधन की कमी को लेकर लोगों में नाराजगी देखी गई।
जाम में फंसने से कई यात्रियों की छूटी ट्रेन
गिद्धौर रेलवे स्टेशन जाने का रास्ता भी इसी मार्ग से गुजरता है। ऐसे में जाम का असर रेल यात्रियों पर भी पड़ा। स्थानीय लोगों के अनुसार, जाम में फंसने के कारण कई यात्रियों की ट्रेन छूट गई। इससे यात्रियों को आर्थिक नुकसान के साथ-साथ अपनी यात्रा को लेकर भी परेशानी झेलनी पड़ी।
प्रशासन और पूजा समिति की व्यवस्था पर ग्रामीणों में आक्रोश
घटना को लेकर ग्रामीणों ने गिद्धौर थाना प्रशासन और शारदीय दुर्गा पूजा सह लक्ष्मी पूजा समिति के पदाधिकारियों के प्रति नाराजगी जताई। लोगों ने कहा कि दुर्गापूजा और प्रतिमा विसर्जन जैसे बड़े आयोजन के दौरान यातायात नियंत्रण, पर्याप्त रोशनी और आम लोगों की सुविधा के लिए पहले से समुचित इंतजाम किए जाने चाहिए थे।
स्थानीय लोगों की नाराजगी के बीच यह सवाल भी उठता रहा कि जब दुर्गापूजा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और मेले में आने वाले लोगों की आवाजाही होती है, तो ऐसी स्थिति से निपटने के लिए यातायात प्रबंधन की प्रभावी व्यवस्था क्यों नहीं दिखी। हालांकि, इस संबंध में प्रशासन और पूजा समिति का पक्ष सामने नहीं आया है।
घटना ने गिद्धौर में बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान प्रशासन और आयोजन समिति के बीच बेहतर समन्वय, व्यवस्थित यातायात संचालन तथा पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था की आवश्यकता को रेखांकित किया है।

