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रविवार, 11 अक्टूबर 2026

जमुई जिला में दुर्गा पूजा में डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध, नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई; प्रशासन का स्पष्ट संदेश

  • जमुई में जिला पदाधिकारी और पुलिस अधीक्षक की संयुक्त अध्यक्षता में हुई बैठक
  • पूजा पंडालों में सुरक्षा मानकों के पालन और प्रतिमा विसर्जन के दौरान गोताखोरों की तैनाती पर जोर

जमुई/बिहार। आगामी दुर्गापूजा को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराने को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में जिला पदाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक की संयुक्त अध्यक्षता में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पर्व के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने, पूजा पंडालों की सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण, प्रतिमा विसर्जन, असामाजिक तत्वों पर निगरानी और प्रशासनिक दिशा-निर्देशों के अनुपालन सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि दुर्गापूजा के दौरान डीजे बजाने की अनुमति नहीं होगी और निर्धारित नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में शांति समिति के सदस्यों, विभिन्न दुर्गापूजा समितियों के प्रतिनिधियों और संबंधित विभागों के पदाधिकारियों ने भाग लिया। अधिकारियों ने कहा कि दुर्गापूजा आस्था, श्रद्धा और सामाजिक एकता का पर्व है। इसे शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन के साथ-साथ पूजा समितियों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी भी आवश्यक है। बैठक में सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने और किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को रोकने के लिए सामूहिक जिम्मेदारी निभाने पर जोर दिया गया।

शांति और विकास की राह में बाधा न बने कोई अप्रिय घटना
बैठक को संबोधित करते हुए जिला पदाधिकारी ने कहा कि जमुई जिला लंबे समय तक नक्सलवाद की चुनौती से प्रभावित रहा है, लेकिन अब जिला शांति, विकास और नई संभावनाओं की दिशा में आगे बढ़ रहा है। प्रशासन जिले के समग्र विकास, पर्यटन की संभावनाओं को साकार करने, औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने और आम लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है।

उन्होंने कहा कि जिले में शांति और सौहार्द का वातावरण बनाए रखना विकास की निरंतरता के लिए बेहद जरूरी है। त्योहारों के दौरान होने वाली कोई भी अवांछित घटना जिले की सकारात्मक छवि को प्रभावित कर सकती है। इसलिए सभी लोगों को आपसी भाईचारे और सामाजिक सद्भाव को प्राथमिकता देते हुए पर्व मनाना चाहिए।

जिला पदाधिकारी ने शांति समिति के सदस्यों से अपील की कि वे अपने सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए ऐसे असामाजिक तत्वों पर नजर रखें, जो त्योहार के दौरान शांति व्यवस्था बिगाड़ने का प्रयास कर सकते हैं। यदि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या सामाजिक सौहार्द प्रभावित करने की आशंका की जानकारी मिले, तो तत्काल प्रशासन को सूचित करें। उन्होंने कहा कि प्रशासन और समाज के बीच बेहतर समन्वय, आपसी विश्वास और सामूहिक प्रयासों से ही त्योहारों को शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराया जा सकता है।

इस दौरान जिला प्रशासन की ओर से जिले में विकास योजनाओं और सकारात्मक बदलाव लाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी उपस्थित सदस्यों को दी गई। प्रशासन ने उम्मीद जताई कि जिलेवासी शांति और सद्भाव की परंपरा को बनाए रखते हुए दुर्गापूजा को सफल बनाने में सहयोग करेंगे।

सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं
पुलिस अधीक्षक ने बैठक में कहा कि दुर्गापूजा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है। पर्व के दौरान विधि-व्यवस्था में बाधा उत्पन्न करने वाले असामाजिक तत्वों पर सतत निगरानी रखी जाएगी। सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने, विवाद उत्पन्न करने या जानबूझकर अशांति फैलाने की कोशिश करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि आस्था और श्रद्धा के इस पर्व में सभी समुदायों के लोगों को आपसी सम्मान और भाईचारे के साथ भाग लेना चाहिए। किसी भी व्यक्ति को ऐसा कार्य नहीं करना चाहिए, जिससे दूसरे लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हों या क्षेत्र में तनाव की स्थिति पैदा हो। पुलिस प्रशासन की प्राथमिकता है कि श्रद्धालु बिना किसी भय और परेशानी के पूजा-अर्चना कर सकें तथा पूरे जिले में शांतिपूर्ण माहौल बना रहे।

पूजा पंडालों में सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य
बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी ने सभी दुर्गापूजा समितियों को पूजा पंडालों में सुरक्षा मानकों का अनिवार्य रूप से पालन करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पंडालों में प्रवेश और निकास के लिए समुचित व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि श्रद्धालुओं की आवाजाही सुचारु बनी रहे और भीड़ बढ़ने की स्थिति में किसी तरह की अव्यवस्था उत्पन्न न हो।

पूजा समितियों को भीड़ प्रबंधन, सुरक्षित आवागमन और अन्य आवश्यक सुरक्षा इंतजामों पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। साथ ही जिला प्रशासन से प्राप्त अनुमति में निर्धारित सभी शर्तों का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं में लापरवाही या प्रशासनिक निर्देशों की अनदेखी को गंभीरता से लिया जाएगा।

प्रशासन ने पूजा समितियों से आयोजन के दौरान सतर्कता बरतने, स्वयंसेवकों के माध्यम से श्रद्धालुओं की सहायता करने और किसी भी समस्या की स्थिति में संबंधित अधिकारियों से तत्काल संपर्क करने की अपील की। बैठक में यह भी रेखांकित किया गया कि सुरक्षित पूजा आयोजन के लिए समितियों और प्रशासन के बीच निरंतर समन्वय आवश्यक है।
प्रतिमा विसर्जन के दौरान तालाबों और आहरों पर रहेगी विशेष सतर्कता
शांति समिति की बैठक में प्रतिमा विसर्जन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी महत्वपूर्ण सुझाव सामने आए। समिति के सदस्यों और पूजा समितियों के प्रतिनिधियों ने बताया कि तालाबों एवं आहरों में जलस्तर अधिक होने के कारण विसर्जन के समय दुर्घटना की आशंका बनी रह सकती है। उन्होंने विसर्जन स्थलों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था करने और पर्याप्त संख्या में गोताखोरों की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करने का अनुरोध किया।

जिला प्रशासन ने इस सुझाव को स्वीकार करते हुए प्रतिमा विसर्जन के दौरान आवश्यक सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने की बात कही। प्रशासन का उद्देश्य विसर्जन प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराना और श्रद्धालुओं को किसी भी संभावित खतरे से बचाना है।

प्रशासन ने संकेत दिया कि विसर्जन स्थलों पर सुरक्षा संबंधी आवश्यक व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि जलाशयों में अधिक जलस्तर के कारण किसी अप्रिय घटना की स्थिति उत्पन्न न हो। पूजा समितियों से भी अपील की गई कि वे विसर्जन के दौरान निर्धारित निर्देशों का पालन करें और श्रद्धालुओं को सुरक्षित तरीके से धार्मिक प्रक्रिया संपन्न कराने में सहयोग दें।

दुर्गापूजा में डीजे बजाने की अनुमति नहीं
बैठक में ध्वनि प्रदूषण और अनावश्यक शोर-शराबे को लेकर प्रशासन ने अपना रुख स्पष्ट किया। जिला प्रशासन ने कहा कि आगामी दुर्गापूजा के दौरान डीजे बजाने की अनुमति नहीं होगी। अधिकारियों ने बताया कि पर्व का उद्देश्य श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देना है। ऐसे में तेज आवाज और अनावश्यक शोर-शराबे से आम नागरिकों, बुजुर्गों, बच्चों और अन्य लोगों को होने वाली परेशानी को ध्यान में रखना आवश्यक है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया कि इस संबंध में जारी प्रतिबंधों और निर्धारित दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन कराया जाएगा। नियमों की अनदेखी करने वाले व्यक्तियों और पूजा समितियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पूजा समितियों से अपील की गई कि वे प्रशासनिक निर्देशों को गंभीरता से लें और धार्मिक आयोजनों को शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराएं।
शांति और सद्भाव बनाए रखने में आम लोगों की भागीदारी जरूरी
बैठक के दौरान जिला प्रशासन ने दोहराया कि दुर्गापूजा के दौरान शांति, सुरक्षा और विधि-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रशासनिक दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित कराया जाएगा और किसी भी प्रकार के उल्लंघन पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन ने जिलेवासियों से अपील की कि वे दुर्गापूजा को आपसी प्रेम, भाईचारे और सद्भाव के साथ मनाएं। किसी भी प्रकार की अफवाह या विवाद की स्थिति में कानून अपने हाथ में लेने के बजाय प्रशासन को सूचित करें और शांति बनाए रखने में सहयोग दें।

बैठक का व्यापक संदेश यही रहा कि दुर्गापूजा केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और आपसी सद्भाव को मजबूत करने का अवसर भी है। प्रशासन ने उम्मीद जताई कि पूजा समितियों, शांति समिति के सदस्यों और आम नागरिकों के सहयोग से जमुई में दुर्गापूजा शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित वातावरण में संपन्न होगी और जिले की सकारात्मक पहचान को और मजबूती मिलेगी।

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