- सेवा संकल्प अभियान के तहत विद्यार्थियों ने दिखाई रचनात्मक प्रतिभा
- आधुनिक शिक्षा, एआई, चंद्रयान, महिला सशक्तिकरण और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों को चित्रों में किया प्रस्तुत
गिद्धौर/जमुई, 28 सितंबर 2026, सोमवार। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सेवा कार्यों और ‘विकसित भारत’ के संकल्प से प्रेरित होकर गिद्धौर सेंट्रल स्कूल में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। विद्यालय परिसर में आयोजित इस प्रतियोगिता में कक्षा 5 से 8 तक के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी कल्पनाशीलता एवं कलात्मक प्रतिभा के माध्यम से विकसित भारत की सुंदर परिकल्पना को कागज पर रंगों के जरिए उकेरा।
विद्यालय निदेशक मधुलिका सिंह के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में रचनात्मकता के साथ-साथ देश के विकास, विज्ञान एवं तकनीकी प्रगति, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समानता और राष्ट्रप्रेम के प्रति जागरूकता पैदा करना रहा। प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों ने अलग-अलग विषयों को अपनी चित्रकारी का आधार बनाते हुए यह दिखाने का प्रयास किया कि आने वाला भारत शिक्षा, तकनीक, विज्ञान, स्वास्थ्य, स्वच्छता और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में किस प्रकार आगे बढ़ सकता है।
आधुनिक शिक्षा से लेकर अंतरिक्ष की उपलब्धियों तक चित्रों में दिखा विकसित भारत
विद्यालय के प्राचार्य संदीप राउत ने प्रतियोगिता के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि विद्यार्थियों को ‘विकसित भारत’ की व्यापक अवधारणा को चित्रों के माध्यम से प्रस्तुत करने के लिए प्रेरित किया गया। चित्रों में आधुनिक शिक्षा, तकनीकी उन्नति और कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई के उपयोग जैसे विषयों को प्रमुखता दी गई।
इसके अलावा विद्यार्थियों ने भारत की अंतरिक्ष क्षेत्र में उपलब्धियों, इसरो और चंद्रयान मिशन को भी अपनी कलाकृतियों में स्थान दिया। चित्रों के माध्यम से बच्चों ने यह दर्शाने का प्रयास किया कि विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में भारत लगातार नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है और युवा पीढ़ी इस प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
महिला सशक्तिकरण और स्वास्थ्य को भी मिला स्थान
प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने केवल विज्ञान और तकनीक को ही विकसित भारत का आधार नहीं माना, बल्कि सामाजिक विकास से जुड़े विषयों को भी अपनी कलाकृतियों में शामिल किया। महिला सशक्तिकरण, बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था, स्वच्छता और पर्यावरण सुरक्षा जैसे विषय चित्रों में प्रमुखता से नजर आए।
विद्यार्थियों ने अपने चित्रों के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया कि किसी भी देश का वास्तविक विकास तभी संभव है, जब समाज के प्रत्येक वर्ग को समान अवसर मिले, महिलाएं आत्मनिर्भर बनें, लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हों और पर्यावरण को सुरक्षित रखा जाए।
संस्कृति, राष्ट्रप्रेम और तिरंगे के साथ आत्मनिर्भर भारत की झलक
कई विद्यार्थियों ने विकसित भारत की अपनी कल्पना में देश की समृद्ध संस्कृति और राष्ट्रप्रेम को भी प्रमुख स्थान दिया। तिरंगे, भारतीय संस्कृति और राष्ट्रीय गौरव से जुड़े प्रतीकों के माध्यम से बच्चों ने अपनी देशभक्ति की भावना को कलाकृतियों में अभिव्यक्त किया।
चित्रों में आत्मनिर्भर और आधुनिक भारत की परिकल्पना के साथ-साथ स्वच्छ एवं हरित भारत का संदेश भी दिखाई दिया। विद्यार्थियों की कलाकृतियों में उनकी उम्र के अनुरूप कल्पनाशीलता के साथ देश के भविष्य को लेकर उनकी सकारात्मक सोच देखने को मिली।
विभिन्न कक्षाओं के विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा
चित्रकला प्रतियोगिता में कक्षा 8 से पल्लवी कुमारी, ऐश्वर्या, खुशबू कुमारी, खुशी कुमारी और सनी कुमार ने भाग लिया। कक्षा 7 से लक्ष्मी, सुशांत सिंह, आर्यन राज, श्रुति बरनवाल और श्लोक राज ने अपनी कलाकृतियां प्रस्तुत कीं।
इसी प्रकार कक्षा 6 से खनिया कुमार बरनवाल और दिव्या कुमारी, जबकि कक्षा 5 से अंश राव, आदित्य यादव, पीयूष कुमार और अंकित कुमार ने प्रतियोगिता में हिस्सा लेकर अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
उत्कृष्ट चित्रों का हुआ चयन
प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों की कलाकृतियों का अवलोकन किया गया। ‘विकसित भारत’ विषय पर उत्कृष्ट कलाकारी के लिए अलग-अलग कक्षाओं से विद्यार्थियों का चयन किया गया।
कक्षा 8 से पल्लवी कुमारी, कक्षा 7 से लक्ष्मी तथा कक्षा 6 से दिव्या कुमारी का चयन किया गया। विद्यालय प्रबंधन के अनुसार चयनित विद्यार्थियों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए बाल दिवस के अवसर पर सम्मानित किया जाएगा।
शिक्षकों और विद्यालय परिवार का रहा सहयोग
कार्यक्रम के सफल आयोजन में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं और अन्य कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। प्रतियोगिता के आयोजन एवं विद्यार्थियों को मार्गदर्शन देने में कोमल कुमारी, रानू कुमारी, आरती उपाध्याय, ज्योति कुमारी, अर्चना मिश्रा, बबिता झा, प्रिया राजपूत, ऋषिका भारती, मोनी सिंह, सूरज शर्मा, सुजीत शर्मा, रंजीत साव, अविनाश सिंह, रौशन बरनवाल, शशिकांत कुमार, सोनम भारती, स्नेहा कुमारी, कोमल सिंह एवं संध्या रावत सहित विद्यालय परिवार के अन्य सदस्यों का योगदान रहा।
विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों को केवल कला के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर नहीं देतीं, बल्कि उन्हें देश और समाज के भविष्य के बारे में सोचने तथा अपनी कल्पनाओं को रचनात्मक तरीके से व्यक्त करने के लिए भी प्रेरित करती हैं। ‘विकसित भारत’ जैसे विषय पर बच्चों की भागीदारी से उनमें राष्ट्र निर्माण, सामाजिक जिम्मेदारी और सकारात्मक सोच की भावना को मजबूत करने में मदद मिलेगी।







