जमुई/बिहार। मंगलवार को +2 उच्च विद्यालय, जमुई बाजार में महिला एवं बाल विकास निगम, बिहार के अंतर्गत संचालित जिला महिला सशक्तीकरण केंद्र, जमुई की ओर से सखी वार्ता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्र-छात्राओं को महिला एवं बालिका सुरक्षा, शिक्षा, अधिकार, आत्मनिर्भरता तथा सरकार की ओर से संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला मिशन समन्वयक मुकेश कुमार ने मिशन शक्ति के उद्देश्यों तथा महिलाओं और बालिकाओं के सशक्तीकरण से जुड़ी विभिन्न योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी दी। उन्होंने बालिकाओं को शिक्षा के प्रति सजग रहने, अपने अधिकारों को समझने और किसी भी प्रकार की समस्या अथवा हिंसा की स्थिति में आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक और सशक्त बनाती है।
वित्तीय साक्षरता विशेषज्ञ विकास कुमार ने विद्यार्थियों को वित्तीय साक्षरता, बैंकिंग सेवाओं, बचत, डिजिटल लेन-देन और साइबर अपराध से बचाव के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने महिला एवं बालिका हित में संचालित विभिन्न सरकारी योजनाओं की भी विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान, सुकन्या समृद्धि योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, मुख्यमंत्री कन्या सुरक्षा योजना, वन स्टॉप सेंटर, महिला हेल्पलाइन, शक्ति सदन, नारी अदालत एवं पालना जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं और सेवाओं के बारे में विद्यार्थियों को बताया गया।
मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना की जानकारी देते हुए बताया गया कि योजना के माध्यम से बालिकाओं को जन्म से लेकर शिक्षा के विभिन्न चरणों तक प्रोत्साहन दिया जाता है। इसका उद्देश्य बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देना, उन्हें सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाना तथा समाज में बालिकाओं के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना है। वहीं सुकन्या समृद्धि योजना के माध्यम से बालिकाओं के सुरक्षित भविष्य के लिए बचत को प्रोत्साहित करने की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में छात्राओं को अपनी शिक्षा जारी रखने, भविष्य के प्रति सजग रहने और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही विभिन्न योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए पात्रता, आवश्यक दस्तावेज तथा संबंधित विभाग या कार्यालय से संपर्क करने की प्रक्रिया की जानकारी भी दी गई।
वन स्टॉप सेंटर की केंद्र प्रशासक पूनम कुमारी एवं मनो-सामाजिक परामर्शी शालू सिन्हा ने महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, मानसिक एवं सामाजिक सहयोग, घरेलू हिंसा तथा संकट की स्थिति में उपलब्ध सहायता और परामर्श सेवाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संकट में फंसी महिलाओं को वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से आवश्यक सहायता और परामर्श उपलब्ध कराया जाता है।
इस दौरान बाल विवाह की रोकथाम, घरेलू हिंसा से सुरक्षा, महिला एवं बालिका सुरक्षा, साइबर अपराध से बचाव, लैंगिक समानता, बालिकाओं की शिक्षा और आत्मनिर्भरता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विद्यार्थियों को जागरूक किया गया। छात्र-छात्राओं को विभिन्न सहायता नंबरों की जानकारी देते हुए बताया गया कि आपातकालीन स्थिति में 112, महिला हेल्पलाइन के लिए 181 तथा बच्चों से संबंधित सहायता के लिए 1098 पर संपर्क किया जा सकता है।
विद्यार्थियों को अपने आसपास होने वाले बाल विवाह, महिला हिंसा और साइबर अपराध के प्रति सजग रहने तथा ऐसी घटनाओं की जानकारी संबंधित विभाग अथवा सहायता नंबर पर देने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने बाल विवाह नहीं करने और न होने देने, महिला एवं बालिका सुरक्षा, लैंगिक समानता तथा समाज में सभी को सम्मान और समान अवसर देने की भावना को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं के साथ बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। विद्यालय परिवार ने सखी वार्ता कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों को अपने अधिकारों, जिम्मेदारियों और सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।







