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शनिवार, 12 सितंबर 2026

जमुई : मंडल कारा में विधिक जागरूकता शिविर में बंदियों को राष्ट्रीय लोक अदालत की दी जानकारी

जमुई/बिहार। जिला विधिक सेवा प्राधिकार, जमुई के तत्वावधान में स्थानीय मंडल कारा, जमुई स्थित विधिक सेवा केंद्र में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बंदियों को उनके कानूनी अधिकारों, राष्ट्रीय लोक अदालत की उपयोगिता तथा निःशुल्क विधिक सेवाओं के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।

शिविर का आयोजन डिप्टी चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल के अधिवक्ता पवन कुमार राय ने किया। उन्होंने बंदियों को राष्ट्रीय लोक अदालत के महत्व की जानकारी देते हुए बताया कि आपसी सुलह-समझौते के आधार पर मामलों का त्वरित निष्पादन कराया जा सकता है। उन्होंने बताया कि निर्धारित कानूनी प्रावधानों के तहत ऐसे मामलों, जिनमें अधिकतम सात वर्ष या उससे कम की सजा का प्रावधान है, का निस्तारण राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से किया जा सकता है।

अधिवक्ता ने बताया कि विधि के अनुरूप पात्र मामलों में प्लिया बार्गेनिंग के माध्यम से भी मामले का निष्पादन संभव है। अपराध स्वीकार करने की स्थिति में संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत निर्धारित सजा में रियायत का प्रावधान हो सकता है। उन्होंने बंदियों से अपील की कि यदि उनके विरुद्ध ऐसे मामले लंबित हैं, जो राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से निस्तारित किए जा सकते हैं, तो वे 12 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत का लाभ उठाएं।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में आपसी सहमति और सुलह-समझौते के आधार पर मामलों का निस्तारण किया जाता है। ऐसे मामलों के निस्तारण के विरुद्ध सामान्यतः अपील का प्रावधान नहीं होता, क्योंकि दोनों पक्षों की सहमति से विवाद का समाधान किया जाता है। उन्होंने कहा कि लोक अदालत की प्रक्रिया निःशुल्क होती है और इसके लिए किसी प्रकार की राशि का भुगतान नहीं करना पड़ता है।

शिविर में बंदियों को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली द्वारा संचालित निःशुल्क विधिक सेवा योजना की भी जानकारी दी गई। अधिवक्ता ने बताया कि पात्र व्यक्तियों को अपने मुकदमों की पैरवी के लिए निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने बंदियों से अपने कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक रहने तथा जरूरत पड़ने पर विधिक सेवा प्राधिकार से सहायता लेने का आग्रह किया।

कार्यक्रम के आयोजन में सजायाफ्ता बंदी मन्नू खान ने भी अपेक्षित सहयोग किया। शिविर के माध्यम से मंडल कारा में बंद बंदियों को उनके कानूनी अधिकारों एवं उपलब्ध निःशुल्क विधिक सेवाओं के प्रति जागरूक किया गया।

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