जमुई/बिहार। राज्य सरकार के गठन के सफल 100 दिन पूरे होने के उपलक्ष्य में शनिवार को जिला संवाद कक्ष में भव्य जिला स्तरीय समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिला पदाधिकारी, अपर समाहर्ता, जिला पंचायत राज पदाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के वरीय अधिकारियों एवं कर्मियों ने भाग लिया। इस दौरान राज्य स्तरीय मुख्य समारोह का सीधा प्रसारण भी देखा गया और सुशासन, पारदर्शिता तथा जनसेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पदाधिकारी नवीन कुमार ने कहा कि बीते 100 दिनों में जिला प्रशासन ने जनसमस्याओं के त्वरित समाधान एवं पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए समर्पित भाव से कार्य किया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के कुशल नेतृत्व में प्राप्त उपलब्धियां केवल एक शुरुआत हैं और आगे भी जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप विकास कार्यों को गति दी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रत्येक नागरिक की समस्याओं का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।
जिला पदाधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि कभी नक्सलवाद और पिछड़ेपन की पहचान रखने वाला जमुई अब विकास की नई राह पर अग्रसर है। उन्होंने बताया कि जिले को पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने के उद्देश्य से कुंड घाट के समीप स्थायी हेलीपैड का निर्माण कर बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी 'हेली टूरिज्म' योजना से जोड़ने की दिशा में पहल की जाएगी। उन्होंने कहा कि 'जैन सर्किट' एवं 'रामायण सर्किट' के तहत विशेष कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इसके माध्यम से गिद्धेश्वर वन क्षेत्र और लछुआर सहित जिले के धार्मिक एवं प्राकृतिक स्थलों को स्थानीय संस्कृति, खान-पान और पारंपरिक जीवनशैली से जोड़कर पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध होंगे।
इस अवसर पर जिला पदाधिकारी ने "जमुई: सेवा, समर्पण और संकल्प के 100 दिन" शीर्षक विशेष स्मारिका का विमोचन किया। स्मारिका में नई सरकार के नेतृत्व में जिले में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं, फ्लैगशिप कार्यक्रमों, प्रशासनिक पहलों तथा विभिन्न क्षेत्रों में हासिल उपलब्धियों का विस्तृत विवरण प्रकाशित किया गया है।
समारोह के दौरान सामाजिक न्याय एवं जनकल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए जमुई अंचल के 27 अत्यंत निर्धन एवं भूमिहीन परिवारों को वास-भूमि का आधिकारिक पर्चा प्रदान किया गया। वहीं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी अपनी मेहनत और आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश करने वाली पांच 'लखपति दीदियों' को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके अलावा शिक्षा एवं खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थियों और युवा खिलाड़ियों को भी सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
समारोह में उपस्थित अधिकारियों ने इसे केवल सरकार के 100 दिनों की उपलब्धियों का उत्सव नहीं, बल्कि जनभागीदारी, सुशासन और समावेशी विकास के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया। कार्यक्रम के माध्यम से जिले के सर्वांगीण विकास और आम नागरिकों की समस्याओं के संवेदनशील समाधान का संकल्प भी दोहराया गया।







